आधार कार्ड ना होने पर प्रिंसिपल ने काट दिया 17 बच्चों का स्कूल से नाम
चंदौली। प्रदेश सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन की बात कह रही हो पर प्राथमिक स्कूलों के हालात नहीं बदल रहे हैं। ताजा मामला चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड स्थित लालतापुर का है। यहां पर प्रधानाचार्य से रोज स्कूल आकर हस्ताक्षर बनाकर चले आने और पढ़ाई न करने का कारण पूछना छात्रों को महंगा पड़ गया। छात्रों के सवाल से खफा प्रधानाध्यापक ने 17 बच्चो के नाम काट दिए। प्रधानाध्यापक राजेश सिंह का कहना है कि आधार कार्ड न होने के कारण नाम काटा गया है।

अभिभावको ने जन सुनवाई पोर्टल पर की शिकायत
बच्चों के अभिभावकों ने नाम काटे जाने की शिकायत मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर की है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में प्रधानाध्यापक कई दिनों से पढ़ाने के लिए नहीं आ रहे थे। उनके आने पर बच्चों ने उनके कई दिनों से पढ़ाई न कराने का कारण पूछा तो उनका नाम काट दिया गया। मांग किया कि अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बीएसए ने कहा जांच कराई जाएगी
इस संबंध में बीएसए का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय में 90 छात्र पंजीकृत है। दो सहायक और एक प्रधानाध्यापक है। आधार कार्ड न होने के कारण नाम नहीं काटा जा सकता। मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी को सौंपी कई है।
कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का कटा है नाम
जिन बच्चों का नाम कटा है, उसमें कक्षा एक के हिमांशु, ओम, शेरू, कक्षा दो के नेहा, श्याम सुंदर, सुरेंद्र यादव, गुरुप्रसाद, चंद्रेश, नीतीश, कक्षा तीन के मनीषा, अंशु, कक्षा चार के राहुल, सुनीता, रिया, कक्षा पांच के क्षमता, जयहिंद आदि है। इन बच्चों ने अध्यापक से पढ़ाई न कराने का कारण पूछा था।












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