Premanand Ji Maharaj:'गलती हो गई...प्रायश्चित करेंगे', विरोध करने वाले सोसायटी के अध्यक्ष ने मांगी माफी
Premanand Ji Maharaj: देश के चर्चित संत प्रेमानंद जी महराज वृंदावन में प्रतिदिन पदयात्रा निकालते हैं। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए आते हैं। हाल ही एक सोसायटी के लोगों ने प्रेमानंद जी महराज के इस पदयात्रा का विरोध किया था। जिसके बाद प्रेमानंद जी महराज ने पदयात्रा का मार्ग बदल लिया।
इस खबर के बाद से ही पूरे देश भर में मौजूद उनके भक्त नाराज हो गए और सोसायटी वालों के खिलाफ मौर्चा खोल दिया। अब बढ़ते विवाद के बीच सोसायटी के अध्यक्ष प्रेमानंज जी महराज के पास पहुंच कर माफी मांगी और फिर से उसी रास्ते से पदयात्रा शुरू करने की उनसे अपील की।

'आपके सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं'
NRI सोसायटी के अध्यक्ष ने प्रेमानंद जी महराज से माफी मांगते हुए कहा कि, कुछ यूट्यूबर ने गलत खबर चलाई थी। हम बृजवासी कभी भी आपका विरोध नहीं कर सकते। वहीं जो इस तरह की खबर चलाता है वो बृजवासी हो ही नहीं सकता।
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उन्होंने आगे कहा कि, सोसायटी के लोग आपसे माफी मांगना चाहते हैं। उन्हें अपनी गलती का अहसास है। मगर, वो लोग हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि वे आपके सामने आए।
हम आपका कभी भी अहित नहीं कर सकते- प्रेमानंद जी
NRI सोसायटी के अध्यक्ष ने प्रेमानंद जी महराज से कहा कि आप फिर से उसी रास्ते अपना पदयात्रा शुरू करें। हम सोसायटी के लोग आपका स्वागत कर प्रायश्चित करेंगे। इस पर प्रेमानंद जी महराज ने भी अपनी हामी भर दी।
प्रेमानंद जी महराज ने कहा कि, हम आपका कभी भी अहित नहीं कर सकते। हम सबको सुख देने आए है।हम वैर-विरोध किसी की नहीं कर सकते। अब देखना है कि प्रेमानंद जी महराज उसी रास्ते से अपनी पदयात्रा फिर से शुरू करते हैं या नहीं।
इस वजह से लोगों ने किया था विरोध
बता दें कि, वृंदावन के छटीकरा रोड स्थित श्रीकृष्ण शरणम स्थित आवास से प्रेमानंद जी महराज प्रतिदिन रात के दो बजे श्री राधा केलिकुंज तक पदयात्रा करते हैं। वहा भारी संख्या में उनके अनुयायी दर्शन के लिए पहुंचते हैं कई भक्त बैंडबाज, लाउडस्पीकर पर भजन बजा कर उनका स्वागत करते हैं तो कई लोग आतिशबाजी कर उनका स्वागत करते हैं।
ऐसे में आसपास रहने वाले लोगों को रात में सोने में दिक्कत होती है। इसी को लेकर NRI सोसायटी के लोग उनके पदयात्रा का विरोध करते हुए सड़क पर उतर गए। जिसके बाद प्रेमानंद जी महराज ने अपनी पदयात्रा बंद कर दी।












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