New Delhi Stampede: कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है रेलवे, 50-60 हजार नहीं इतने पद हैं खाली?
New Delhi Stampede: 15 फरवरी की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में अभी तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ये हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 14-15 पर हुआ। इस हादसे को लेकर जांच जारी है। वहीं घायलों का इलाज भी चल रहा है।
25 घायलों में से 10 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर बताए जा रहे हैं। इसी बीच लोगों ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि रेलवे के पास पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी नहीं है इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से बार-बार हादसा हो रहा है। इस रिपोर्ट के जरिए जानते हैं रेलवे में कितनी पोस्ट अभी खाली है।

संरक्षण श्रेणी में 1.5 लाख पद खाली
साल 2024 में RTI के जरिए एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें बताया गया था कि रेलवे के केवल संरक्षण श्रेणी में लगभग 1.5 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। ये जानकारी रेलवे बोर्ड की ओर से दी गई थी।
संरक्षण श्रेणी में लगभग 10 लाख पद स्वीकृत हैं जिसमें 1.5 लाख से अधिक पद खाली है। इस श्रेणी में लोको पायलट, निरीक्षक, चालक दल नियंत्रक, पटरी की मरम्मत करने वाले, स्टेशन मास्टर, इलेक्ट्रिक सिग्नल के मरम्मतकर्मी और सिग्नलिंग पर्यवेक्षक शामिल हैं। जो कि ट्रेन के परिचालन में सीधे तौर पर भूमिका निभाते हैं।
4 हजार से ज्यादा लोको पायलट के पद खाली
पिछले साल ही मध्यप्रदेश के एक RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने जब रेलवे से पूछा था कि इस वक्त रेलवे में कितने सहायक लोको पायलट की सीट खाली है। इस पर रेल मंत्रालय ने बताया था कि, चालकों की कुल स्वीकृत पद 57551 पद में से 4337 पद खाली है।
RPF में भी हजारों पर खाली
वहीं एक RTI रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे सुरक्षा फोर्स में भी हज़ारों पदों पर वेकेंसी है। कुछ पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। वहीं हजारों पद अभी भी खाली है। रेलवे सुरक्षा के लिए RPF बहुत ही महत्वपूर्ण है।
रेल मंत्री बोले 5 लाख से ज्यादा लोगों को दी गई नौकरी
पिछले साल दिसंबर में रेल मंत्री ने संसद में रेलवे विधेयक पर चर्चा के दौरान ये बताया था कि, कांग्रेस के UPA सरकार के दौरान 4,11,000 लोगों को रेलवे में नौकरी मिली थी वहीं मोदी सरकार में अब तक 5,02,000 लोगों को नौकरी दी गई। और अभी हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
2023 में 2.63 लाख से ज्यादा पद खाली थे
रेल मंत्री ने अगस्त 2023 में संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में बताया था कि मौजूदा समय में रेलवे में 2.63 लाख से ज्यादा पद खाली है। उन्होंने उस समय भी बताया था कि हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
औसतन हर महीने 3 छोटे बड़े रेल हादसे
वैसे तो रेल हादसे पहले भी बहुत हुए हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे हादसे ने लोगों में रेल यात्रा को लेकर डर फैला दिया है। वहीं पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें दावा किया गया था कि जब से अश्विनी वैष्णव रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला है तब से औसतन हर महीने 3 छोटे बड़े रेल हादसे हो रहे हैं।
ये आंकड़े डराने वाले हैं। इन आंकड़ों को देखने के बाद तो यही लग रहा है कि भारतीयों के लिए लाइफ लाइन माने जाने वाली रेल अब 'हादसों का रेल' बन चुकी है।
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'रेल' मंत्री से 'रिल' मंत्री
भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 7 जुलाई 2021 को रेल मंत्रालय के कार्यभार संभाला। शुरुआत में अश्विनी वैष्णव का 'नायक' अवतार भी देखने को मिला। उन्होंने रेलवे में सुधार को लेकर कई कदम उठाए। ग्राउंड जीरो पर जा कर रेलवे की परेशानियों को समझा उससे दूर करने के लिए कई फ़ैसले भी लिए। लेकिन जब पिछले दिनों एक RTI रिपोर्ट सामने आई तो परिणाम ठीक उलट आए।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि, जब से अश्विनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय का काम काज संभाला तब से देश भर में छोटे बड़े हादसे को मिलाकर हर महीने रेल 3 हादसे हो रहे हैं। इस रिपोर्ट को देख कर ही विपक्ष के लोग उनपर तंज़ कसते हुए 'रील' मंत्री कहते हैं। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि वे रेलवे में सुधार की जगह सिर्फ रील बनाने में व्यस्त रहते हैं।












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