Maha Kumbh 2025: संतों के लिए 500 गनर, घुड़सवार की पैनी नजर, 1,500 पुलिसकर्मी और CCTV से लैस परिसर

Prayagraj News Maha Kumbh 2025: महाकुंभ 2025 की तैयारियां उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जोर-शोर से चल रही हैं, और इसके साथ ही संतों और धार्मिक संगठनों द्वारा पुलिस सुरक्षा की मांगें बढ़ रही हैं।

टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाकुंभ के आयोजन के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है। मेला पुलिस अब तक 70 से ज्यादा प्रमुख संतों को गनर आवंटित कर चुकी है, और सभी 13 अखाड़ों में सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

Prayagraj News Maha Kumbh 2025

संतों की बढ़ती सुरक्षा मांग

  • गनर और होमगार्ड: प्रमुख संतों और अखाड़ों ने सशस्त्र पुलिस कर्मियों और होमगार्ड्स की मांग की है।

  • सीसीटीवी नेटवर्क: बड़े पंडालों में अपने स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

  • मेला पुलिस की तैयारी: मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 1,500 से अधिक पुलिसकर्मी और 500 गनर तैनात किए जाएंगे।
  • सुरक्षा का कारण

    • संतों और अखाड़ों में भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे किसी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ जाती है।
    • पंडालों में भीड़ प्रबंधन: संतों के अनुसार, सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति से संदिग्ध इरादों वाले लोगों को रोका जा सकता है।
    • अनुयायियों के प्रभाव का प्रदर्शन: कुछ संत सुरक्षा कवच को अपने प्रभाव का प्रतीक मानते हैं।

    घुड़सवार पुलिस की तैनाती

    • उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुंभ मेले में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए घुड़सवार पुलिस की तैनाती की घोषणा की है।
    • विशेष प्रशिक्षण: 130 घोड़ों और 166 कर्मियों को मुरादाबाद और सीतापुर में प्रशिक्षित किया गया है।
    • घोड़ों का आहार: संतुलित आहार और स्वास्थ्य देखभाल के लिए तीन पशु चिकित्सकों की एक टीम तैनात की गई है।
    • भीड़ प्रबंधन में दक्षता: घुड़सवार पुलिस घनी भीड़ में आसानी से काम करने और दुर्गम क्षेत्रों में नेविगेशन के लिए जानी जाती है।

    संतों की सुरक्षा में नवीन पहल

    • प्रत्येक अखाड़े को 5 सशस्त्र पुलिसकर्मी दिए गए हैं।
    • सुरक्षा आवंटन के लिए स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) से रिपोर्ट ली जाती है।
    • संतों के अनुरोधों पर उचित जांच के बाद ही सुरक्षाकर्मी आवंटित किए जाते हैं।

    प्रशासन का उद्देश्य

    • उत्तर प्रदेश पुलिस का उद्देश्य महाकुंभ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है।
    • तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का मिश्रण: घुड़सवार पुलिस, सीसीटीवी नेटवर्क, और सशस्त्र सुरक्षा बलों के साथ तकनीकी प्रगति का उपयोग किया जा रहा है।
    • विश्वस्त माहौल: पुलिस का प्रयास है कि तीर्थयात्रियों और संतों को सुरक्षा का भरोसा मिले।

    जेड+ और जेड सुरक्षा

    आपको बता दें कि 2019 के कुंभ मेले में 260 संतों को बंदूकधारी गनर आवंटित किए गए थे। इनमें से कई को जेड+ और जेड सुरक्षा दी गई थी। इन संतों को सुरक्षा घेरे में प्रवचन देते, धार्मिक अनुष्ठान करते और यहां तक कि गंगा में डुबकी लगाते आसानी से देखा गया था। जिन संतों को सरकारी सुरक्षा नहीं मिलती, वे अपनी सुरक्षा के लिए निजी हथियारों पर निर्भर रहते हैं, जो पिस्तौल और यहां तक कि राइफल भी रखते हैं।

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