Atiq Ahmed और अशरफ को भूनने वाले तीनों हमलावर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पूर्व सपा सांसद Atiq Ahmed और उनके भाई अशरफ को भूनने वाले तीनों हमलावरों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। प्रयागराज की जिला अदालत ने आदेश पारित किया है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद और अशरफ की हत्या मामले में प्रयागराज की कोर्ट ने तीनों हमलावरों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी सिंह नाम के तीनों शूटर्स पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं।
तीनों शूटर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
तीनों हमलावरों को प्रयागराज की जिला अदालत में पेश किया गया। इसके बाद शूटर्स को जज ने 14 दिनों की कस्टडी में भेज दिया। अस्पताल परिसर में पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या के बाद कोर्ट परिसर के बाहर पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे।
यूपी के ही हैं हमलावर, घर छोड़ चुके हैं तीनों!
रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों हमलावर उत्तर प्रदेश के ही हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि बांदा, हमीरपुर और कासगंज से ताल्लुक रखते हैं। परिजनों का कहना है कि तीनों घर छोड़कर काफी पहले जा चुके थे।
हमलावरों का आपराधिक इतिहास
हमलावरों के आपराधिक इतिहास के बारे में आई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पहले से ही किसी पर 15 मामले दर्ज हैं तो किसी पर यूपी पुलिस ने 14 मामले दर्ज कर रखे हैं। तीनों के पास तुर्की की जिगाना पिस्टल कहां से आई, इसकी जांच हो रही है।
जिससे गोली मारी वो हथियार भारत में बैन है
गौरतलब है कि जिस हथियार से अतीक अहमद पर गोलियां दागी गईं, वह पिस्टल भारत में प्रतिबंधित है। ऐसे में इस मामले का मास्टरमाइंड कोई और हो सकता है, इस पहलू पर भी जांच हो रही है।
हत्याकांड की न्यायिक जांच
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ज जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। दो महीने के भीतर इस मामले की जांच रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार को भेजी जाएगी।
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40 सेकेंड में 18 राउंड फायरिंग!
बता दें कि माफिया से सांसद बने अतीक और उनके भाई की हत्या में तुर्की में बने अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अतीक को आठ गोलियां लगी हैं। कुल 18 राउंड फायरिंग हुई थी।












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