7 Feared Drowned In Ganga: प्रयागराज में अलग-अलग हादसों में 7 लोग गंगा में डूबे
Prayagraj: त्रिवेणी का अर्थ है वह स्थान जहां तीन नदियां आकर मिलती हों। प्रयागराज में तीन नदियों गंगा, जमुना और सरस्वती का संगम होता है।

7 Feared Drowned In Ganga: रविवार को जेठ की पू्र्णिमा थी, ऐसे में काफी लोग प्रयागराज में गंगास्नान के लिए गए थे लेकिन इस दौरान ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसके चलते ये दिन काला रविवार में तब्दील हो गया। संडे को यहां पर दो अलग-अलग घाटों पर गंगा नदी में नहाने के दौरान सात लोग डूब गए। इस बारे में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) करछना अजीत सिंह चौहान ने मीडिया को जानकारी दी।
दो गंगा घाटों पर अलग-अलग हादसे
उन्होंने कहा कि रविवार को दीहा घाट और दारागंज थाना क्षेत्र के त्रिवेणी संगम घाट पर दो हादसे हुए जिसमें 7 लोगों की जान चली गई है। दीहा घाट पर दो टीन एज बच्चे संकेत प्रजापति (14) और मनदीप (16) के गहरे पानी में डूबने की सूचना है तो वहीं त्रिवेणी संगम घाट पर पांच लोग गंगा की तेज धारा में बह गए, जिनके नाम क्रमश: सुमित, विशाल, महेश्वर, उत्कर्ष और अभिषेक हैं। हालांकि इनकी लाश बरामद नहीं हुई लेकिन गोताखोर उन्हें खोजने में लगे हैं।
प्रयागराज के बारे में कुछ खास बातें
आपको बता दें कि प्रयागराज को तीर्थों का राजा कहा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भारत में जितने भी तीर्थ स्थल हैं, उन सबकी उत्पत्ति प्रयाग से ही हुई है। कहते हैं कि यहां जो भी सच्चे मन से पूजा करता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। यहां पर तीन नदियों का संगम होता है, जो कि बेहद ही दुर्लभ है और इसी का दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन यहां दर्शन के लिए आते हैं। हर महीने की पूर्णिमा पर यहां पर भक्तगण डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से इंसान के सारे दुखों का अंत होता है और उसे मोझ की प्राप्ति होती है। लोग इस दिन पहले गंगा स्नान करते हैं फिर गरीबों को दान देते हैं और ब्राहम्णों को भोजन कराते हैं, ऐसा करने से इंसान सुख-शांति की प्राप्ति होती है।












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