लल्लू V/s प्रमोद तिवारी: प्रियंका गांधी के साथ बैठक में सीएम फेस प्रोजेक्ट करने को लेकर तनातनी
लखनऊ, 10 सितम्बर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सुबह से ही लगातार बैठकें कर रही हैं। कांग्रेस सलाहकार समिति, चुनाव समिति, स्ट्रैटजी कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें कई फैसले लिए गए। हालांकि कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि चुनावी अभियान को तेज करने पहुंची प्रियंका के सामने उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई जब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष लल्लू सिंह आमने-सामने आ गए। सूत्रों का दावा है कि प्रमोद तिवारी चाहते थे कि कांग्रेस की तरफ से सीएम का चेहरा प्रोजेक्ट किया जाए लेकिन अजय कुमार लल्लू इसके खिलाफ थे। दोनों गुटों के बीच टकराव को देखते हुए प्रियंका गांधी ने किसी तरह से मामले को संभाला और इसको आगे के लिए टाल दिया।

हालांकि एक दिन पहले यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर गाज गिर सकती है और उनसे प्रदेश अध्यक्षी का ताज छिन सकता है। यह कयास उस समय लगने शुरू हुए जब अपने तय दौरे से एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी लखनऊ पहुंच गईं और लल्लू को खबर भी नहीं लगी। प्रियंका को एयरपोर्ट पर रीसिव करने प्रमोद तिवारी की बेटी और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा पहुंची थीं। हालांकि कांग्रेस की तरफ से यह सफाई दी गई थी कि वह प्रदेश अध्यक्ष का कार्यक्रम पहले से लगा था लिहाजा वह शहर से बाहर थे।
स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक में लिए गए कई फैसले
प्रियंका गांधी ने अपनी बैठकों के दौरान यात्राओं और जिला स्तर पर चलाए जा रहे कार्यक्रमों का भी फीडबैक लिया। बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस ज़ोनवार चुनावी अभियान चलाएगी और कार्यक्रमों की शुरुआत करेगी। कांग्रेस सलाहकार समिति और रणनीति कमेटी ने पूरे उप्र में यात्रा निकालने का लिया निर्णय है। इस यात्रा का नाम 'कांग्रेस प्रतिज्ञा यात्रा: हम वचन निभाएंगे' नाम से होगी और यह यूपी में 12 हज़ार किलोमीटर का सफर तय करेगी। कांग्रेस की यह प्रतिज्ञा यात्रा बड़े गांवों और कस्बों से होकर भी गुजरेगी।

चुनाव समिति की बैठक में लगभग 50 नामों पर लगी मुहर
प्रियंका गांधी की लखनऊ में दो दिवसीय बैठक के दौरान चुनाव समिति की बैठक में यूपी से लगभग 50 ऐसे उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगी जो यूपी या केंद्र में बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं। बैठक में सीटिंग विधायकों के नामों पर भी मुहर लगने की संभावना जतायी जा रही है। सूत्रों के अनुसार जिन नामों को बैठक में मंजूरी मिली उनमें अजय राय, ललितेश पति त्रिपाठी, इमरान मसूद, पंकज मलिक, अजय कुमार सिंह लल्लू, आराधना मिश्रा समेत 50 नामों पर मंथन होगा और उन्हें टिकट की घोषणा से पहले ही अपनी अपनी विधानसभाओं में चुनावी तैयारियों में जुटने के संकेत दे दिए जाएंगे।
11 सितम्बर को जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी प्रियंका
उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी शनिवार को जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर पार्टी की तरफ से गांव गांव चलाए जा रहे अभियान का फीड बैक लेंगी। पार्टी की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी लेंगी और आगे के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेंगी। बैठक के दौरान जिलों में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में शामिल होने वाले प्रशिक्षकों से भी कार्यक्रमों का फीडबैक लेंगी और आगे के लिए दिशा निर्देश जारी करेंगी।

प्रियंका के लिए काफी चुनौतिपूर्ण है मिशन 2022
प्रियंका गांधी, जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में पार्टी अभियान का नेतृत्व कर रही हैं, उनके पास राज्य में पुरानी पार्टी के गिरते ग्राफ को उठाने का एक कठिन काम है। 2017 के राज्य चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हार गई और 403 सदस्यीय यूपी विधानसभा चुनावों में केवल सात सीटें जीतने में सफल रही। 2019 के लोकसभा चुनावों में, वह सोनिया गांधी की रायबरेली संसदीय सीट पर कब्जा करने का प्रबंधन कर सकती थी, लेकिन गांधी परिवार का गढ़ अमेठी हार गई, जहां राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हराया था।












Click it and Unblock the Notifications