यूपी में भी मिलेगा फ्री में खाना, यहां शुरू होगी पहली कैंटीन
उत्तर प्रदेश में गरीबों को मुफ्त में खाना मिलेगा, सहारनपुर में शुरू होगी यह योजना।
लखनऊ। तमिलनाडु की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी अम्मा कैंटीन जैसी व्यवस्था शुरू होने जा रही है। प्रदेश में गरीबों को मुफ्त में दिन में कम से कम एक बार सम्मानपूर्वक खाना देने की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। योगी सरकार की तरफ से की गई इस तरह की पहली रसोई सहारनपुर में शुरू करेगी, जिसका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।

9 अगस्त से होगी शुरुआत
यूपी में अपने आप में बिल्कुल ही अलग तरह की इस रसोई की शुरुआत सहारनपुर में होगी, जिसका नाम प्रभु की रसोई रखा गया है, इसका शुभारंभ 9 अगस्त को किया जाएगा। यहां शुरुआत में 300 गरीबों को खाना मुहैया कराया जाएगा, यहां गरीबों को मुफ्त में खाना दिया जाएगा।

उद्योगपतियों ने किया स्वागत
सहारनपुर के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाजसेवी संगठन और उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं ताकि इसे सफल बनाया जा सके। उद्योगपतियों को कहा गया है कि इस अभियान में आगे आएं और गरीबों को मुफ्त खाना मुहैया कराने में मदद करे, सरकार की इस पहल का उद्योगपतियों ने स्वागत भी किया है।

30 लोगों की कमेटी का गठन
दीपक अग्रवाल ने कहा कि हमने तमाम संगठनों को पत्र लिखकर इसकी गुजारिश की थी कि वह इस शुरुआत में हमरा साथ दें। कांवड़ यात्रा के दौरान हमने देखा कि कई संगठन इन लोगों को खाना मुहैया करा रहे थे, हम चाहते हैं लोग यही उत्साह इस अभियान में भी दिखाएं ताकि इसे सफलता मिले। उन्होंने बताया कि इस किचन के संचालन के लिए 30 लोगों की एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें एनजीओ के लोगों के अलावा सरकारी अधिकारी भी शामिल होंगे।

सम्मान के साथ मिलेगा खाना
हालांकि प्रदेश में कई ऐसे जगह हैं जहां गरीबों को मुफ्त में खाना मुहैया कराया जाता है, लेकिन हम चाहते हैं कि एक ऐसी जगह हो जहां गरीबों को सम्मान के साथ खाना मुहैया कराया जाए। इस किचन के संचालन के लिए नगर निगम के हॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां की स्थानीय एसएमसी फूड्स लिमिटेड ने किचन की स्थापना का प्रस्ताव भेजा है, जहां खाना बनाने के लिए तमाम इंतजाम किए जाएंगे, जिसमें गैस आदि की व्यवस्था शामिल होगी।

हर रोज 2 बजे मिलेगा खाना
इस अभियान को सफल बनाने के लिए सहारनपुर के क्लास वन अधिकारियों ने इस बात की निश्चय लिया है कि वह 2100 रुपए का योगदान करेंगे ताकि पहले महीने इसे सफल बनाया जाए। शुरुआत में लोगों को खाने में चावल, सब्जी और दाल मुहैया कराई जाएगी, यह दोपहर को 2 बजे हर रोज बांटा जाएगा।












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