ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी छात्रा पर हमला निकला झूठ, पुलिस ने बताई क्या थी सच्चाई
पुलिस का कहना था कि लड़की ने घटना तड़के सुबह की बताई थी जबकि उसने फोन सुबह करीब साढ़े सात बजे किया। इसके बाद पुलिस ने ओला से जांच कराई।
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अफ्रीकी मूल की लड़की पर हुए कथित हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले को झूठ करार दिया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी नोएडा ने बताया कि 'लड़की के दावों में सच्चाई नहीं है और उसका अपने दोस्तों के साथ ही झगड़ा हुआ था।' उन्होंने सबूत पेश कर बताया कि यह नस्लीय हमले का मामला नहीं है। आपको बता दें कि बुधवार तड़के यहां ओमीक्रॉन-1 ए सेक्टर के नजदीक कैब सवार अफ्रीकी मूल की छात्रा के साथ मारपीट की खबर आने के बाद पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में लग गई थी।

एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि लड़की ने जब सीधे चौकी इंचार्ज को फोन किया तो उन्हें इस पर शक हुआ। जांच में पता चला कि कथित घटना से एक रात पहले ही उसने देर रात करीब तीन बजे चौकी इंचार्ज से उसका नंबर लिया था और अगले ही दिन उसे फोन कर दिया। पुलिस का कहना था कि लड़की ने घटना तड़के सुबह की बताई थी जबकि उसने फोन सुबह करीब साढ़े सात बजे किया। इसके बाद पुलिस ने ओला से जांच कराई। पिक अप और ड्रॉप लोकेशन के बीच कोई भी दिक्कत जीपीएस रिकार्ड में दर्ज नहीं हुई थी। साथ ही ओला चालक ने भी अपनी गवाही दी थी। इसे भी पढ़ें- CM योगी आदित्यनाथ के बंगले के बगल में है 'भूत बंगला', कोई भी मंत्री नहीं रहना चाहता है यहां
कैब में शराब पी रही थी लड़की
कैब चालक का कहना है कि लड़की ने चलती कार में शराब पी थी। हाई कमिशन ऑफ केन्या के काउंसलर फ्रेडरिक ने भी युवती के मारपीट के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा- पारिवारिक कारणों से लड़की डिप्रेशन में थी। उसकी दोस्तों से ही मारपीट हुई लेकिन स्थानीय युवकों पर मारपीट का आरोप लगाया था।












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