देवरिया शेल्टर होम कांड: संचालिका की बेटी को पुलिस ने हिरासत में लिया, पूछताछ जारी
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह मामले में मुख्य आरोपी संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कंचन लता त्रिपाठी को देवरिया के पास से हिरासत में ले लिया है। पुलिस कंचन लता को पुलिस लाइन में रखकर पूछताछ कर रही है। उधर कंचन लता का कहना है कि मुझे पर लगे आरोप गलत है, मुझे फंसाया जा रहा है।

मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह की संचालिका गिरजा त्रिपाठी देवरिया में बालिका गृह वह वृद्ध आश्रम सहित चार संस्थाओं का संचालन करती है। बालिका गृह से भागकर पुलिस तक पहुंची एक बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने 5 अगस्त की रात में स्टेशन रोड स्थित बालिका गृह और वृद्धाश्रम पर छापेमारी की। इसकी भनक लगते ही बालिका गृह की अधीक्षिका कंचन लता फरार हो गई थी।
अधीक्षिका कंचन लता को पकड़ने लगाई 5 टीमें
पुलिस ने रजला से संस्था की संचालिका गिरजा त्रिपाठी और उसके पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन कंचन लता उनके हाथ नहीं आई। इसके बाद पुलिस की पांच टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कंचन लता रामनाथ देवरिया मोड़ पर खड़ी है। पुलिस ने घेरेबन्दी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस लाइन में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे बुधवार को जेल भेज सकती है।
छापेमारी में 42 में 24 लड़कियां ही हुई बरामद
पुलिस की छापेमारी में शेल्टर होम की 42 में 24 लड़कियों को ही बरामद हुई। रजिस्टर में दर्ज रिकार्ड के अनुसार 18 बालिकाएं और होनी चाहिए जो नहीं मिल सकी हैं। आशंका जता रहे कि बच्चियों को जब रोज कहीं भेजा जाता था तो संभव है कि रविवार को भी छापेमारी के पहले 18 बच्चियों को कहीं भेज दिया गया हो। अब जब कार्रवाई हो गई तो डर के मारे लोग उनको अपने पास ही रखे हुए हैं या बंधक बनाए हुए हैं। फिलहाल सच क्या है यह उन लापता बच्चियों के मिलने पर ही पता लग सकेगा। वह बच्चियां ही बता सकती हैं कि उनको कहां ले जाया जाता था, किसके साथ ले जाया जाता था। क्या सलूक उनके साथ किया जाता था। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।












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