सहारनपुर का सच जानने निकले सपा नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद
पुलिस द्वारा रोके जाने पर सपा नोताओं ने कहा कि हम हाईकमान के आदेश पर आए हैं और हमारा मकसद जिन दुकानदारों का नुकसान हुआ है उनका हाल जानना और पीड़ितों से बातचीत कर जांच रिपोर्ट तैयार करना है।
सहारनपुर। दो दिन पूर्व डा. अंबेडकर जयंती पर शोभायात्रा निकालने को लेकर सहारनपुर के ग्राम सड़क दूधली में हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद हालात जानने पहुंचे समाजवादी पार्टी के जांच दल को पुलिस ने डाकबंगले में नजरबंद कर लिया। नाराज सपा नेताओं ने जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के इस रवैये पर रोष जताया।

अखिलेश यादव के आदेश पर बना था जांच दल
सहारनपुर में सांप्रदायिक बवाल के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पांच सदस्यों का जांच दल गठित किया था। शनिवार को ये पांच सदस्य टीम सहारनपुर पहुंची। सपा द्वारा बनाई गई जांच टीम में शामिल पूर्व मंत्री व विधायक महबूब अली, पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान, विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पारस, पूर्व विधायक गुलाब मौहम्मद, सहारनपुर शहर सीट से सपा विधायक संजय गर्ग, दून हाइवे स्थित पीडब्लूडी गेस्ट हाऊस पहुंच गये। ये भी पढ़ें- PICS: कैसे भड़का सहारनपुर का बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ पर क्यों आमादा हुए उपद्रवी?

पार्टी हाईकमान के आदेश पर आए हैं
जांच कमेटी के सदस्य एमएलसी उमर अली खान, पूर्व मंत्री सरफराज खान, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी जगपाल दास, पूर्व महानगर अध्यक्ष फैजानुर्उहमान, महानगर अध्यक्ष मौहम्मद आजम, सपा नेता राव कैसर सलीम, फरमान कुरैशी, महजबी खान,फैसल सलमानी, इसरार चौधरी, कुलबीर राणा, मुस्तकीम राणा,चौधरी अब्दुल गफूर, नदीम कुरैशी,सुरेश त्यागी, संदीप यादव, सतवीर यादव, नवाब प्रधान के साथ जैसे ही पीडब्लूडी गेस्ट हाऊस से सड़क दूधली जाने के लिए रवाना हुए तो पहले से ही भारी फोर्स के साथ तैनात एसडीएम सदर राकेश गुप्ता व सीओ टू अब्दुल कादिर ने उन्हें बताया कि तनावपूर्ण स्थिति होने के कारण गांव में किसी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं है। सपा नेताओं ने जिला प्रशासन को बताया कि वह लोग अपने पार्टी हाईकमान के निर्देश पर सड़क दूधली प्रकरण की जांच के लिए सहारनपुर आये हैं।
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गांव में बाहरी लोगों के आने पर लगी पाबंदी
सपा जांच दल ने कहा कि हमारा मकसद जिन दुकानदारों का नुकसान हुआ है उनका हाल जानना और पीड़ितों से बातचीत कर जांच रिपोर्ट तैयार करना है। पुलिस प्रशासन ने सपा नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया तो वह नारेबाजी करते हुए पीडब्लूडी गेस्ट हाऊस की सड़क पर ही बैठकर धरना देने लगे। काफी देर की नारेबाजी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का हवाला देते हुए सपा नेताओं को समझा बुझाकर धरना खत्म कराया। वहीं सड़क दूधली गांव में चौतरफा नाकेबंदी कर दी गई है। गांव में केवल क्षेत्र के लोगों को आने जाने की इजाजत है। बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी लगा दी गई है। पुलिसकर्मी गांव में घुसने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच पड़ताल कर रहे हैं।

दूधली प्रकरण की हो उच्चस्तरीय जांच
सड़क दूधली प्रकरण की जांच के लिए सपा जांच दल में शामिल पार्टी नेताओं का कहना था कि योगीराज में आम आदमी से लेकर पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं है। जिस प्रकार से सड़क दूधली में बिना अनुमति के शोभायात्रा निकालने का प्रयास किया गया, इसके पीछे गहरी साजिश है। पूर्व मंत्री व विधायक मनोज पारस का कहना था कि भाजपा दलित व मुस्लिमों के संभावित गठबंधन से घबरायी हुई है। इसीलिए मुसलमानों और दलितों के बीच खाई खोदने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। विधायक महबूब अली ने कहा कि सड़क दूधली में जिस प्रकार सांसद के नेतृत्व में एसएसपी के घर पर धावा बोलकर कब्जा किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए।












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