वाराणसी में एक खास जगह पर पीएम मोदी ने काफिले को क्यों रोका, जानिए
वाराणसी के मदनपुरा इलाके में प्रधानमंत्री का काफिला 15 मिनट तक रुका रहा। पीएम को वहां गुलदस्ता और शॉल दिया गया। यह इलाका चुनाव को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है।
वाराणसी। शनिवार को बीएचूय के गेट से काल भैरव मंदिर जाने के बीच जन दर्शन के लिए पीएम का काफिला बढ़ा तो नरेंद्र मोदी, खुली छत वाली गाड़ी से लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए चलते रहे। पूरा काशी भगवा रंग में रंग चुका था और कई जगहों पर पीएम के स्वागत के लिए तैयारियां भी की गयी थीं। पर सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि मोदी का काफिला वाराणसी के मदनपुरा इलाके में करीब 15 मिनट तक रुका रहा।

पीएम के इंतजार में थे बावनी सरदार
प्रधानमंत्री का काफिला बीएचयू गेट से अस्सी, भदैनी, शिवाला, सोनारपुरा होते हुए मदनपुरा पहुंचा जहां अपने सांसद के स्वागत के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंच बनाया था। इस मंच पर मुस्लिम समूह के धर्मगुरु बावनी सरदार मौजूद रहे। पूर्वांचल के सभी जिलों के 51 सरदारों के मुखिया को बावनी सरदार कहते हैं।

मुस्लिमों ने किया पीएम का स्वागत
प्रधानमंत्री ने बावनी सरदार और मुस्लिम समुदाय के लोगों से मिलने के लिए काफिले को 15 मिनट तक रोक दिया। काफिला रुकते ही मुस्लिमों ने पीएम पर फूल बरसाए। पीएम मोदी ने एसपीजी से कहकर बावनी सरदार हाजी मुख्तार अहमद महतो से गुलदस्ते और शॉल को लिया। गौर करने वाली बात ये है कि शॉल को मोदी ने माथे से लगाते हुए सिर पर रख लिया। यही नहीं, उन्होंने कहा- ''हर मुसलमान मेरा भाई है, देश की तरक्की में आप सभी आगे आएं।''

बुनकर वोटर्स पर पीएम की नजर
ये काफिला यूं ही इस इलाके में नहीं रुका। इसके पीछे खास राजनीतिक वजह रही। प्रधानमंत्री को वहां गुलदस्ता और शॉल के उपहार दिए गए जिसे उन्होंने स्वीकार किया। मदनपुरा के इस इलाके में बुनकरों की संख्या ज्यादा है। पीएम जानते हैं कि ये बुनकर भाजपा को उनकी अगुवाई में ही वोट कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने काफिले को वहां देर तक रुकवाया। लोगों से गुलदस्ता और शॉल लेकर उसे अपने सिर से लगाया।












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