अखिलेश यादव यूपी का चुनाव हार चुके हैं- नरेंद्र मोदी
फतेहपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला जमकर हमला
फतेहपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फतेहपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर सामान्य आदमी कहता है कि अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो स्थिति कुछ और होतीं। भले 70 साल बीत गए लेकिन अब भी हम सबने कठोर परिश्रम करके सही नीतियां बनाकर, ईमानदारी व नियत के साथ उन्हें लागू किया तो सरदार साहब के सपने को पूरा कर सकते हैं।

पीएम ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी की सरकार ने सोचा था तमाम पैसा खर्च करके सोचा था कि वह लोगों की आंखों में धूल झोंककर चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन यह जनता है, सबकुछ जानती है। पीएम ने कहा कि दो चरणों के मतदान के बाद साफ हो गया है कि भाजपा पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रही है। पीएम ने कहा कि कुछ लोगों को लगा कि मौका आया है कि सारे देश में तो पिट गए, लेकिन अपने पुरखों के नाम पर शायद यूपी में बच जाए। बड़ी आशाएं थी, जिन्होंने कभी तेज धूप नहीं देखी थी, गांव नहीं देखा था, जो सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए थे। ऐसे लोगों को 27 साल यूपी बेहाल लग रहा था, लेकिन यूपी में पूरा भ्रमण करने के बाद पाया कि कुछ मेल नहीं बैठ रहा है, पांच साल सरकार में रहने वालों को लगा कि जनता का विश्वास डूब रहा है, ऐसे में दोनों ने सोचा कि दोनों डूब रहे हैं इसलिए साथ पकड़कर बचने के लिए साथ आ गए हैं।
पीएम के भाषण के मुख्य अंश
- मैं देश के सामने कुछ छिपाना नहीं चाहता हूं, आप ही मेरे मालिक हो और आप ही मेरे हाई कमांड हैं।
- हमारा एक ही मंत्र है सबका साथ सबका विकास
- सरकार का काम है बिना जाति धर्म के आधार पर सबको एक सी सुविधा मुहैया कराना
- अगर रमजान पर बिजली मिलती है तो होली पर भी बिजली मिलनी चाहिए।
- 2014 में कांग्रेस 12-14 सिलेंडर के नाम पर चुनाव लड़ रही थी, देश की जरूरतों पर इनकी समझ पर मुझे हंसी आती है।
- हमारी सरकार बनने के 10-20 दिन के भीतर गन्ना किसानों के कर्ज को माफ किया जाएगा।
राहुल कांप रहे थे
पीएम ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि जब दोनों साथ में रोड शो में निकले तो तार ही तार निकले थे सड़क पर, वो कांप रहे थे, अखिलेश जी नहीं कांप रहे थे, वह परेशान नहीं थे क्योंकि उन्हें पता था कि तार है बिजली कहां है। पांच-छह दिन तक ऐसे गाने बजाते रहे जैसे कुछ नया हो रहा है, लेकिन जैसे ही नामांकन शुरु हुआ एक के बाद एक पत्ते खुलने लगा।
गायत्री प्रजापति के मुद्दे पर पीएम ने अखिलेश को घेरा
सपा सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को दखल देनी पड़ी, एक एफआईआर दर्ज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा, हमारी मां-बेटी को दर-दर भटकना पड़ा। ये कैसी सरकार है, पीएम ने कहा कि ये काम है कि कारनामा। पीएम ने कहा कि अखिलेश जी ने अपना चुनाव अभियान गायत्री प्रजापति की चुनाव प्रचार से शुरु किया। यूपी की जनता जानना चाहती है कि सपा-कांग्रेस का गठबंधन गायत्री प्रजापति की तरह ही पाक है।
लोहिया की पीठ में छुरा भोंका है
आपने राम मनोहर लोहिया के सपनों की पीठ मे छुरा भोंका है, जिस कांग्रेस के खिलाफ लोहियाजी हमेशा लड़ते रहे, उसी कांग्रेस के साथ गठबंधन करते सत्ता के लिए उसकी गोद में बैठ गए, जनता इन बातों को मांफ नहीं करेगी। पीएम ने कहा कि पुलिसवाले मंजूरी से नहीं मजबूरी में थाने को सपा का कार्यालय बना रहे हैं, क्योंकि उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर हमारी बात नहीं मानी तो तबादला कर दिया जाएगा।
अखिलेश का चेहरा लटक गया
पहले सपा वाले कहते थे कि हम दो तिहाई बहुमत लेकर आएंगे। लेकिन थोड़े दिन बाद कहने लगे कि अब हम दोनों मिल गए हैं और अब भारी बहुमत लेकर आएंगे। लेकिन आज सुबह मतदान के बाद अखिलेशजी जी का चेहरा टीवी पर देखा तो चेहरा लटक गया था, आवाज में दम नहीं था, शब्द खोज रहे थे, जैसे बाजी हार चुके हैं, बड़ी मुश्किल से बोले। चुनाव के शुरु में कहते थे अकेले जीतेंगे, आज सुबह कह रहे थे कि हमारी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी तो बनेंगे। क्या हो गया भाई अभी तो तीसरा चरण भी पूरा नहीं हुआ है और आपके हौसले पस्त हो गए।












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