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Sambhal violence: संभल हिंसा के 39 उपद्रवियों के फोटो जारी, पुलिस ने आमजन से की हमलावरों की पहचान की अपील

Sambhal violence: संभल के जामा मस्जिद में रविवार को हुए हिंसक उपद्रव के बाद संभल पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए 39 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। ये तस्वीरें उन उपद्रवियों की हैं। जिनके चेहरे नकाब से ढके हुए थे। पुलिस ने आम जनता से इनकी पहचान करने में मदद की अपील की है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। कई पुलिस अधिकारी घायल हुए और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।

जानिए कैसे उपजा विवाद

यह घटना तब हुई जब 150-200 लोगों की भीड़ ने नखासा चौक पर सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और पुलिस पर हॉकी स्टिक, पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। भीड़ ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनने का प्रयास किया और अंत में 9 मिमी कारतूस से भरी मैगजीन लेकर फरार हो गए। पुलिस की एफआईआर के अनुसार हमले में गुलबदीन, सुल्तान, हसन, मुन्ना पुत्र जब्बार, फैजान और समद सहित कई संदिग्ध शामिल थे।

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पुलिस ने 27 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें 14 से 72 वर्ष तक के व्यक्ति शामिल हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने हिंसा के लिए 100 से अधिक संदिग्धों की पहचान की है।

मुरादाबाद मंडल के डिविजनल कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस ने अब तक कुल 7 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से 4 मृतकों के परिवार वालों ने दर्ज कराई हैं। कुल 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 3 महिलाएं हैं और 3 किशोर हैं। किशोरों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। लोगों, कैमरा और वीडियो फुटेज की मदद से 74 लोगों की पहचान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हमने मदद लेने के लिए उनके वीडियो और फोटो भी जारी किए हैं। ताकि लोगों की पहचान आसानी से की जा सके। संभल में स्थिति सामान्य है। प्रशासन लोगों से लगातार संपर्क में है और एहतियात के तौर पर घटना वाले इलाके में पुलिस बल तैनात है। इंटरनेट की बहाली के संबंध में समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

सांसद और स्थानीय विधायक के बेटे पर आरोप

पुलिस ने सांसद जियाउर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक सुहैल इकबाल के बेटे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। आरोपों के अनुसार इन राजनीतिक हस्तियों ने भीड़ को उकसाने और अशांति फैलाने में भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि यह हिंसा पूर्व नियोजित थी और इसके पीछे गहरी साजिश थी।

अखिलेश यादव ने लगाए भाजपा पर आरोप

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह से भाजपा ने अधिकारियों पर दबाव डालकर चुनाव जीता है और इसलिए उन्होंने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए संभल में यह दंगा कराया है। अगर सरकार तस्वीरें जारी कर रही है तो उन्हें उन भाजपा समर्थकों की तस्वीरें जारी करनी चाहिए। जो सर्वेक्षण के दौरान वहां थे और नारे लगाए। वो न्याय नहीं कर रहे। वो अन्याय कर रहे हैं।

पुलिस ने 12 FIR की दर्ज

इस घटना के संबंध में पुलिस ने अब तक 12 एफआईआर दर्ज की हैं। उपद्रवियों की पहचान के लिए सार्वजनिक रूप से 39 तस्वीरें जारी की गई हैं। संदिग्धों की पहचान के लिए आम जनता से सहयोग मांगा गया है।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया

घटना के दौरान उपद्रवियों ने न केवल पुलिस पर हमला किया। बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जनता में भय का माहौल पैदा किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह हिंसा केवल एक सहज प्रतिक्रिया नहीं थी। बल्कि इसके पीछे गहरे षड्यंत्र के संकेत मिल रहे हैं।

न्याय और शांति बहाल करने का प्रयास

संभल पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाने और शांति बहाल करने का संकल्प लिया है। घटना के बाद समुदाय में तनाव का माहौल है। लेकिन प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है।

संभल की घटना ने न केवल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दी है। बल्कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर किया है।

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