योगी के राज में जिंदा महिला को मृत घोषित कर रोक दी पेंशन
रायबरेली। उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग ने एक जीती-जागती महिला को अपने रिकार्ड में मृत घोषित कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है! रायबरेली के डलमऊ तहसील के मियांटोला की निवासी अनिसुन्निशा उम्र लगभग 70 वर्ष उस समय सदमे में पड़ गई जिस समय विभाग ने उन्हें कागजों पर मार डाला। बुज़ुर्ग महिला अपनी पेंशन के लिए विभागों में अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रही है।

दो माह से बुजुर्ग की पेंशन बंद
रायबरेली के डलमऊ में बुजुर्ग महिला अनिसुन्निशा ने बताया कि कई वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी, अचानक मिलनी बंद हो गई। बुजुर्ग महिला सरकार द्वारा दी जाने वाली विधवा पेंशन हासिल कर अपना भरण-पोषण कर रही थी। पिछले करीब दो माह से उसकी पेंशन नहीं आ रही थी जिसको लेकर वह विभाग के चक्कर लगा रही थी।

विभाग ने कहा, पेंशन देना संभव नहीं
इस विषय में विभाग से कोई भी जानकारी न मिलने पर उसने समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट में दर्शाया कि अनीसुन्निशा की मौत हो चुकी है जिसके कारण बुजुर्ग की पेंशन निरस्त कर दी गई है, जिसके कारण प्रार्थी को पेंशन देना सम्भव नहीं है।

जिंदा होने का सर्टिफिकेट लेकर महिला लगा रही चक्कर
विभाग की कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिला जिंदा है और विभाग ने बिना सोचे-समझे ही कागजों पर मृत घोषित कर दिया है। पीड़ित महिला जिंदा होने का प्रमाण पत्र लेकर यह साबित करने के लिये कई दिनों से समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रही है।

अधिकारी ने कही जांच की बात
इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी के के सिंह ने बताया है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर जिंदा महिला को मृत दिखाकर पेंशन काटी गई है तो जांच कराकर जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी, साथ ही महिला की पेंशन बहाल की जायेगी।












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