यूपी चुनाव: ये है यूपी की किस्मत का पुराना रिकॉर्ड, ये सीट तय करती आ रही है सूबे की सत्ता
ऐसे में इस बार देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराता है या इस बार ये रिकॉर्ड टूट जाता है! 1977 से इस सीट पर जीता विधायक अपनी पार्टी के लिए किस्मत की चाबी रहा है।
मऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जारी है। ऐसे में हर पार्टी अपनी सरकार बनाने के लिए दम लगा रही है। उत्तर प्रदेश की ये एक ऐसी सीट है कि यहां से जिस पार्टी का विधायक जीतता है सूबे में सरकार भी उसी पार्टी की बनती है। हम बात कर रहे हैं मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना सीट की, 2017 के विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। यहां पर समाजवादी पार्टी से पूर्व विधायक बैजनाथ पासवान चुनाव मैंदान में हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी से पूर्व मंत्री राजेन्द्र कुमार और भाजपा से पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में इस बार देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराता है या इस बार ये रिकॉर्ड टूट जाता है।

1977 में यहां से शिवप्रसाद जनता पार्टी के विधायक निर्वाचित हुए। जिसके बाद उत्तर प्रदेश में उनके दल (जनता पार्टी) की सरकार बनी। 1984 में कांग्रेस से रामबदन राम जीते तो प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता आई। 1989 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर फौजदार राम चुनाव जीते। जिसके बाद बसपा के समर्थन पर जनता दल की सरकार बनी।
1991 में भाजपा के श्रीराम सोनकर चुनाव जीते तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। 1993 में बसपा और सपा गठबंधन से फौजदार प्रसाद चुनाव जीते तो प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनी। 1996 में भाजपा के श्रीराम सोनकर एक बार फिर चुनाव जीते और फिर प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बनी।
2002 में समाजवादी पार्टी के बैजनाथ पासवान विधायक बने तो प्रदेश में सपा की सरकार बनी। 2007 में बसपा के टिकट पर राजेंद्र कुमार विधायक बने तो बसपा की प्रदेश में सरकार बनी। और तो और 2012 में सपा के बैजनाथ पासवान एक बार फिर विधायक बने तो प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार बनी। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कौन जीतता है और किसकी सरकार बनती है?












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