मिर्जापुर: चिटफंड कंपनी से सैकड़ों करोड़ रुपए गबन करने वाली संचालिका गिरफ्तार
मिर्जापुर। ऑनलाइन सर्वे के नाम पर देशभर के हजारों लोगों के साथ सैकड़ों करोड़ की ठगी करने वाली श्रीराम सर्वे कंपनी की संचालिका को मिर्जापुर की जिगना पुलिस ने बिहसड़ा कला गांव स्थित विद्यालय से गिरफ्तार कर लिया। महिला समेत उसके आरोपित पुत्र और बहू के खिलाफ कोर्ट ने धोखाधड़ी मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने आरोपी संचालिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुत्र और बहू अभी फरार चल रहे है, दोनों की तलाश के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

सैकड़ों करोड़ लेकर भागी कंपनी
वर्ष 2010-11 में मिर्जापुर जिले की श्रीराम सर्वे कंपनी एकाएक देशभर में प्रसिद्ध हो गई। कंपनी पैसा लगाने वालों को त्वरित लाभ देने का लालच दे रही थी। शुरुआत में लोगों ने खुब मुनाफा कमाया। मुनाफा मिलने पर लोगों ने और ज्यादा पैसा इसमें निवेश किया। देशभर से सैकड़ो करोड़ों रुपया निवेश होने पर कंपनी ने लोगों को पैसा देना बंद कर दिया। पैसा लगाने वाले परेशान हो गए। कंपनी के लोग मिर्जापुर के साथ देश के अन्य स्थानों पर स्थित कार्यालय को बंद कर सैकड़ों करोड़ रुपया लेकर फरार हो गए। मामला कोर्ट में पहुंच गया।
महिला उसके पुत्र व बहू के खिलाफ गिरफ्तारी का आरोप
कई साल से कोर्ट में धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई चल रही थी। एक सप्ताह पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम प्रताप राणा ने धोखाधड़ी के मामले में एक सप्ताह पूर्व धोखाधड़ी, षड़यंत्र रचने और आनलाइन ठगी करने मामले आरोपित सुशील कुमार मौर्या उसकी पत्नी रूची केशरवानी उसकी मां चंद्रप्रभा मौर्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। जिगना थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह तीनो आरोपितो की तलाश में थे। उन्हें जानकारी हुई कि आरोपित चद्रप्रभा मौर्या बिहसड़ा कला गांव स्थित अपने स्कूल में मौजूद है। इसके बाद दोपहर में पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस आरोपित सुशील और उसकी पत्नी रुची की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मिर्जापुर में था मुख्य कार्यालय
श्रीराम सर्वे कंपनी आनलाइन मुनाफ कमाने का लालच देकर पूरे देश में प्रसिद्ध हो गई थी। कंपनी का मुख्य कार्यालय नगर के नारघाट के पास ही था। ऑनलाइन चिटफंड कंपनी चलाने वाला जिगना के बिहसड़ा कला गांव निवासी युवक देखते-देखते करोड़ों का मालिक बन गया। कंपनी जब लोगों का रुपया लेकर भागी तो देश भर से पैसा लगाने वाले निवेशकों का मिर्जापुर में जमावड़ा लग गया था। कंपनी के भागने पर खूब हो-हल्ला था।
कइयों ने हजारों कमाए तो लाखों गंवाए
श्रीराम सर्वे कंपनी पहले तीन हजार के करीब रुपया जमा कराती थी। फिर ऑनलाइन सर्वे करने के नाम पर लोगों को जल्द मुनाफा देती थी। इस तरह से एक सर्किल चल पड़ी। शुरुआत में पैसा लगाने वालो की चांदी रही। बहुतों ने हजारों रुपए फायदे में कमाएं। हजारों कमाने के बाद कइयों ने लाखों कमाने की लालच में ज्यादा निवेश कर दिया। कंपनी भागी तो लोगों का लाखों रुपया डूब गया।












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