हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, प्रोन्नति के पद पर नहीं हो सकती अनुकंपा नियुक्ति
इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रोन्नति के खाली पद व अनुकंपा नियुक्ति के तहत भरे जाने वाले पदों को लेकर बड़ा आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने प्रोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर अनुकंपा नियुक्ति को सही नहीं माना है और कहा है कि जिन पदों को प्रोन्नत से भरा जाना है उन्हें प्रोन्नति द्वारा ही भरा जाए ना कि मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा नियुक्ति दी जाए । हालांकि हाईकोर्ट ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जहां पर सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पद खाली हैं। वहां, पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती, पात्र वहां पर नौकरी पाने का अधिकारी होगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रोन्नति से भरे जाने वाले पदों पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं हो सकेगी और सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पदों पर बिना किसी अड़ंगे के अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी।

याचिका पर आया फैसला
वाराणसी के राम बाबा इंटर कॉलेज में प्रीति देवी के पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और सेवाकाल में ही उनकी मौत हो गई। मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रीति ने जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। जिससे पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेज से आख्या रिपोर्ट मांगी तो पता चला राम बाबा कॉलेज में एक ही पद खाली है, लेकिन वह पदोन्नति द्वारा भरा जाना है। इस पर डीआईओएस ने प्रीति को दूसरे कालेज खेदन लाल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज चेतगंज में सहायक लिपिक के पद पर नियुक्ति देने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट की ली शरण
डीआईओएस के आदेश के बाद भी प्रीति को खेदन लाल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में नौकरी नहीं दी गई जिस पर प्रीति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली ।हाईकोर्ट ने जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को सही माना और नियुक्ति देने का निर्देश दिया। इस आदेश के खिलाफ खेदन लाल राष्ट्रीय इंटर कॉलेज प्रबंध समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में विशेष याचिका दाखिल की और दलील दी कि यह नियमानुसार सही नहीं है और याची की नियुक्ति रामा राम बाबा कॉलेज में की जानी चाहिए।
डबल बेंच का फैसला
हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता तथा न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई शुरू की तो रेगुलेशन 106 के अंतर्गत जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को सही माना और प्रबंध समिति को नियुक्ति देने से इनकार करने पर फटकार लगाई । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रबंध समिति सीधी भर्ती द्वारा पद भरे जाने की दलील देकर मृतक आश्रित की नियुक्ति नहीं रोक सकती। उसे खाली पद को खुली भर्ती विज्ञापन के जरिए भरने का अधिकार जरूर है, लेकिन सीधी भर्ती वाले पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के तहत मृतक आश्रित नौकरी पाने का अधिकारी है।
नौकरी का रास्ता साफ
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले को विस्तार देते हुये कहा कि पदोन्नति कोटे के पद पर मृतक आश्रित को नौकरी नहीं दी जा सकती। पदोन्नति कोटे के पद पदोन्नति से ही भरे जायेंगे। लेकिन, सीधी भर्ती वाले पद अनुकंपा नियुक्ति के तहत भरे जा सकते हैं। हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि क्योंकि राम बाबा इंटर कॉलेज में इस तरह का पद खाली नहीं है और जो पद खाली है वह पदोन्नति का है। ऐसे में खाली पद वाले कॉलेज में ही मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी और डीआईओएस का फैसला बिल्कुल सही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब प्रीति को नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है और इसके साथ ही अब भविष्य में होने वाले इस तरह के विवाद भी इस निर्णय के तहत निस्तारित हो जाएंगे।












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