ताजमहल में जुमे की नमाज को लेकर जारी किए गए नए आदेश, हुए अहम बदलाव
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नई दिल्ली। आगरा के मुसलमानों को ताजमहल परिसर में जुमें की नमाज अदा करने के लिए अब अपना पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य होगा। लोगों को मान्य प्रवेश पत्र देखने के बाद ही ताज महल परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। यह फैसला जिला प्रशासन ने विश्व धरोहर स्मारक की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को जारी किए गए निर्देश के अनुसार, ताजमहल परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति को नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल स्थानीय लोग नमाज अदा करने के लिए ताजमहल परिसर में जा सकते हैं।

नमाज अदा करने के बहाने विदेशी घुस रहे थे ताज परिसर में
प्रशासन को सूचना मिली कि नमाज अदा करने आने वाले लोगों के साथ बाहरी लोग भी अंदर आ जाते हैं। नमाज अदा करने के बहाने कुछ बांग्लादेशियों और गैर-भारतीय लोगों के ताजमहल के अंदर आ रहे हैं। आपको बता दें कि इस दिन ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहता है। आगरा जिला प्रशासन के जारी किए गए आदेश में लिखा है कि ताजमहल में शुक्रवार को नमाज अदा करने आने वालों का आगरा निवासी होने का प्रमाण पत्र देखकर प्रवेश दिया जाए।

2013 में भारतीय पुरातत्व विभाग भी दिए थे ऐसे आदेश
एडीएम सिटी केपी सिंह द्वारा जारी किए गए इस आदेश में यह भी लिखा है कि बाहरी लोगों के प्रवेश से स्मारक की सुरक्षा को खतरा है। ऐसे में प्रशासन ने ताजमहल की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू किए हैं। हालांकि इस तरह का आदेश इससे पहले 2013 में भारतीय पुरातत्व विभाग ने जारी किया था लेकिन विरोध के चलते यह आदेश ठंडे बस्ते में चला गया।

2001 में भी नमाज के समय में हुआ था बदलाव
अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को ताजमहल पहले पर्यटकों के लिए बंद किया जाता था और मुस्लिमों को शुक्रवार को नमाज अदा करने के लिए मुफ्त प्रवेश की अनुमति दी गई थी। 2001 से, साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार कर दिया गया था। स्थानीय मुसलमानों को दोपहर 2 बजे के बीच जुमा की नमाज के लिए मुफ्त प्रवेश की अनुमति दी गई थी। लगभग 1,500-1,600 लोग शुक्रवार की नमाज के लिए इकट्ठा होते हैं।












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