जातीय दंगा: सहारनपुर में हो रही वारदातें, एक और को मारी गोली
सहारनपुर के शब्बीरपुर में मायावती के दौरे के दौरान बवाल हो गया। दलितों और ठाकुरों के बीच हुए इस बवाल में एक की मौत हो गई। रुक-रुक कर अभी भी वारदातें हो रही हैं।
सहारनपुर। सहारनपुर में जातीय दंगा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। रातभर की शांति के बाद र्इंट-भट्टे पर सो रहे दो गैर दलितों पर उच्च जाति के लोगों ने हमला बोल दिया जिससे एक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, मंगलवार को ठाकुर बिरादरी के लोगों द्वारा किए गए हमले में मारे गए गांव सुआखेडी के आशीष के परिजनों को पंद्रह लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। एक ही थाना क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही वारदातों से पूरे जनपद में तनाव का माहौल बना है। प्रशासन भी समझ नहीं पा रहा कि इस आग को कैसे शांत किया जाए।

अन्य थाना क्षेत्रों में फैल गई है हिंसा
थाना बड़गांव क्षेत्र में हो रहा जातीय बवाल अब दूसरे थाना क्षेत्रों में भी होने लगा है। बुधवार की दोपहर करीब पौने एक बजे अज्ञात हमलावरों ने एक ठाकुर बिरादरी के युवक को गोली मार दी और फरार हो गए। मामले को लेकर जिला अस्पताल में जोरदार हंगामा किया। बताया जाता है कि बुधवार की दोपहर करीब पौने एक बजे एक ठाकुर बिरादरी का युवक प्रदीप चौहान अपनी बाइक पर सवार होकर जनता रोड से गुजर रहा था, वह जैसे ही पुंवारका ब्लाक के समीप पहुंचा तो एक बाइक पर सवार होकर आए अज्ञात हमलावरों ने प्रदीप चौहान पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। सीने में गोली लगने के कारण प्रदीप गंभीर रुप से घायल होकर सड़क पर गिर गया, जिसके बाद लोगों की भीड़ को जमा होते देख हमलावर मौके से फरार हो गए। आनन-फानन में पहुंची जनकपुरी थाना पुलिस प्रदीप को जिला अस्पताल लेकर पहुंची जहां से हालत नाजुक होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। आरोप लगाया जा रहा है कि यह वारदात गांव शब्बीरपुर और चंदपुर में हुई वारदात की ही प्रतिक्रिया है।

मायावती दौरे के दौरान हुई तलवारबाजी
ज्ञात हो कि मंगलवार को बड़गांव थाना क्षेत्र के शब्बीरपुर में बसपा सुप्रीमो सभा को संबोधित करने के लिए आई थी। सभा समाप्त होने के बाद आसपास के गांवों के दलित अपने अपने घरों को लौट रहे थे तो गांव चंदपुर के पास उच्च जाति के लोगों ने दलितों पर तलवारों से हमला बोल दिया था, जिसमें गांव सुआखेडी निवासी आशीष की मौत हो गई थी, और सात अन्य घायल हो गए थे।

जातीय बवाल में अब तक 2 की मौत
इस गांव में पुलिस फोर्स तैनात किया ही गया था कि आज सुबह करीब पांच बजे इसी थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में र्इंट भट्टे पर सो रहे प्रजापति समाज के नितिन और यशपाल पर दलित समझ कर हमला बोल दिया गया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से नितिन के हालत नाजुक होने के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, लेकिन बताया जाता है कि नितिन ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया है। ठाकुर और दलितों के बीच हो रहे जातीय संघर्ष में मंगलवार से अब तक मरने वालों की संख्या दो और घायलों की संख्या आठ हो गई है। गांव मिर्जापुर में भी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
एसएसपी सुभाष चंद दुबे ने मृतकों और घायलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कुछ उपद्रवी माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। अब तक 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। वहीं जिलाधिकारी एनपी सिंह ने भी जनपद के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

बड़गांव थाना क्षेत्र में अर्द्धसैनिक बल तैनात, छावनी में तब्दील
दलित और ठाकुर बाहुल्य बड़गांव थाना क्षेत्र के अमूमन सभी गांवों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पूरे जनपद की पुलिस फोर्स के अलावा आसपास के जनपदों से पीएसी और पुलिस फोर्स को यहां बुला लिया गया है। इसके अलावा जनपद के इस थाना क्षेत्र को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया है। हर गांव में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एसएसपी सुभाष चंद ने बताया कि आरपीएफ के जवानों के साथ साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है।

मृतक आशीष के परिजनों को 15 लाख का मुआवजा
एसएसपी सुभाष चंद दुबे ने बताया कि मंगलवार की शाम अज्ञात हमलावरों के हमले में मौत के घाट उतारे गए गांव सुआखेडी के आशीष के परिजनों को शासन ने 15 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है, यह राशि जल्द ही मृतक के परिजनों को सौंप दी जाएगी। इसके अलावा मंगलवार को हुई वारदात में घायल हुए सभी घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि सभी गांवों में पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

लखनऊ से अफसरों ने सहारनपुर में डाला डेरा
पहले शब्बीरपुर, इसके बाद गांव चंदपुर में हुए जातीय संघर्ष के बाद लखनऊ से कई आला अधिकारियों ने यहां डेरा डाल दिया है। देर रात गृह सचिव मणि प्रसाद, एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश, डीआईजी सिक्योरिटी विजय कुमार भूषण ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआईजी सहारनपुर जितेंद्र कुमार शाही, एसएसपी सुभाष चंद दुबे और डीएम एनपी सिंह के साथ बैठक कर इन अधिकारियों ने घटना की समीक्षा की। इसके अलावा जिला अस्पताल में पहुंचकर घायलों का हाल चाल जाना।
25 उपद्रिवियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गांव शब्बीरपुर और चंदपुर में हुए जातीय उपद्रव के बाद लखनऊ से यहां आए अफसरों के दिशा निर्देश के बाद पुलिस ने अपनी ओर से कार्रवाई करना शुरु कर दिया है। सुबह छह बजे से लेकर अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस बाबत कुछ ही देर पहले एसएसपी के पीआरओ सेल से एक प्रेसनोट जारी किया गया है, जिसमें कहा गया कि बड़गांव थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में घटित वारदातों में शामिल रहे 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।












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