NCR की तर्ज़ पर अब UP में बनेगा SCR, जानिए क्या है सरकार की पूरी प्लानिंग
लखनऊ, 03 सितंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) बनाने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर रात अपने आधिकारिक आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, आवास विकास परिषद और सभी शहरी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक की। सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है जिसके तहत लखनऊ और उसके आसपास के जिलों जैसे उन्नाव, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर नगर और कानपुर देहात को एससीआर में शामिल किया जा सकता है।
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सीएम ने एनएसीआर की तर्ज पर एससीआर का मांगा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि विभिन्न शहरों के लोग यहां आकर इसे अपना स्थायी निवास बनाना चाहते हैं। पड़ोसी जिलों में भी जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा है और कई बार अनियोजित विकास की शिकायतें भी आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन किया जाए। निरंतर समन्वित प्रयासों से आज प्रदेश की राजधानी लखनऊ को अत्याधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

एससीआर में शामिल हो सकते हैं 6 जिले
आदित्यनाथ ने अधिकारियों से इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा और लखनऊ और उसके आसपास के जिलों जैसे उन्नाव, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर नगर और कानपुर देहात को एससीआर में शामिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श कर जल्द से जल्द विस्तृत कार्ययोजना पेश की जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं पर निर्णय लेते समय, अगले 50 वर्षों में उत्पन्न होने वाली स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए, जबकि अधिकारियों को अपनी परियोजनाओं के लिए अपना वित्तीय प्रबंधन करने पर विचार करना होगा।

भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ाई का आदेश
योगी ने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और निर्देश दिया कि भूमि के अवैध कब्जे की हर शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह सरकारी हो या निजी, सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गरीबों की जमीन पर किसी का जबरदस्ती कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अयोध्या को सौर शहर के रूप में विकसित करने की कार्य योजना पर तेजी से काम करने का भी आह्वान किया क्योंकि यह शहर को वैश्विक मंच पर एक विशिष्ट पहचान देगा।

पुरातन संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर
सीएम ने बैठक में कहा कि अयोध्या में पुरातन संस्कृति सभ्यता का संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक पैमाने के अनुसार सभी नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री जी की भावनाओं के अनुरूप तैयार अयोध्या के समग्र विकास की हर परियोजना शासन की प्राथमिकता है। यहां के सांस्कृतिक महत्व के दृष्टिगत ब्रह्मकुंड, संध्या कुंड, मनु मुनि कुंड, विद्या कुंड, अग्नि कुंड, सीताकुंड, दशरथ कुंड, खजुआ कुंड सहित 08 कुंडों के कायाकल्प, संरक्षण संचालन और रखरखाव का काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। इसके अंतर्गत वैदिक विधि से जल शुद्धिकरण की सुविधा भी हो।

लखनऊ में बनेगा एक और कन्वेशन सेंटर
योगी ने अधिकारियों से कहा कि राजधानी लखनऊ की महत्ता को देखते हुए यहां एक सर्वसुविधायुक्त कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की आवश्यकता है। कन्वेंशन सेंटर ऐसा हो जो कि विश्वस्तरीय आयोजनों की मेजबानी कर सके। कम से कम 35 एकड़ के विशाल परिसर का लक्ष्य लेकर भूमि चयन, प्रारूप आदि तय करते हुए इस सम्बंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए। अवध शिल्पग्राम की उपयोगिता को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। यहां एम0एस0एम0ई0, कौशल विकास, हुनर हाट जैसे आमजन के लिए उपयोगी प्रदर्शनी लगाई जाएं। आवास विकास परिषद द्वारा अवध शिल्पग्राम एवं काकोरी शहीद स्मृति उद्यान को डायनेमिक फ़साड लाइटिंग से और आकर्षक किया जाए।












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