UP के 73 अधिकारी सरकार के राडार पर, CM योगी ने इनके खिलाफ उठाया ये बड़ा कदम
लखनऊ, 02 सितंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी अधिकारियों की नकेल कसने की कवायद शुरू कर दी है। एक दिन पहले ही यूपी की ब्यूरोक्रेसी में एक साथ 16 वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर करने के बाद अब सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सीएम के निर्देश पर राज्य सरकार ने 73 अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं करने पर नोटिस जारी किया है। ये अधिकारी पहले से ही सरकार की राडार पर थे और अब उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम कार्यालय को भेजी गई थी गोपनीय रिपोर्ट
अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन के कामकाज से संबंधित स्थानीय प्रशासन, पुलिस आदि द्वारा सीएम कार्यालय को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किए गए थे। जिन नोटिसों में 10 विभागाध्यक्ष, पांच आयुक्त, 10 डीएम, पांच विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, पांच नगर आयुक्त और 10 तहसीलदार शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में तीन एडीजी, पांच आईजी और डीआईजी, 10 कमिश्नरेट एसएसपी एवं एसपी के साथ ही 10 पुलिस थानों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जनसुनवाई के मामलों को लेकर हुई कार्रवाई
जन शिकायतों और मुद्दों को संबोधित करने के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की पहचान कर्मियों, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कृषि विपणन, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास, आवास और शहरी नियोजन, व्यावसायिक शिक्षा, नमामि गंगे और ग्रामीण जल आपूर्ति और पर्यावरण, वन और के रूप में की गई है।

73 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
सीएम ने राज्य के 73 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस जुलाई महीने की एक रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए थे। सीएम ने सभी विभागों, प्रशासन और पुलिस के साथ कई बैठकें की हैं, जिसमें सभी मौकों पर स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चेतावनी के बाद नहीं सुधर रहे अधिकारी
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जन शिकायतों को जल्द से जल्द और सभी शामिल लोगों की संतुष्टि के लिए संबोधित किया जाना चाहिए। जब, इतनी चेतावनियों के बावजूद, अधिकारियों और विभागों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, सीएम ने इस मुद्दे पर और भी सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।

एक दिन पहले ही 16 आईएएस अधिकारियों पर गिरी थी गाज
बुधवार देर रात को ही यूपी में एक साथ 16 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए थे। इसमें संजय प्रसाद इस समय मुख्यमंत्री के सबसे खास अफसरों में गिने जा रहे हैं। यही वजह है कि इस भूचाल में सबसे ज्यादा फायदा उन्हीं को हुआ। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के साथ ही अवनीश अवस्थी और नवनीत सहगल जैसे कद्दावर आईएएस अधिकारियों के विभागों की जिम्मेदारी उनके सौंप दी गई। संजय प्रसाद सबसे ताकतवर अफसर बनकर उभरे हैं।












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