UP में अब प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी OMR शीट पर देंगे Exam ?, ये है सरकार की तैयारी
Uttar Pradesh की Yogi Adityanath की सरकार ने ऑपरेशन निपुन के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के बच्चों के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। अधिकारियों की माने तो अब बच्चाों को अपनी तिमाही परीक्षाएं ओएमआर सीट पर ही देनी होंगी। फिलहाल इस योजना को 6 जिलों में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। इसके बाद इसे अन्य जगहों पर लागू किया जाएगा। शुरुआत में बच्चों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है और उनसे नोटबुक के बजाए ओएमआर सीट पर परीक्षाएं दिलवाई जा रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यूपी में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों में सीखने के परिणाम को मापने के लिए लखनऊ मंडल के छह जिलों में NAT (NIPUN असेसमेंट टेस्ट) आयोजित किया गया था। परीक्षा में 85 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
लखनऊ के एक सरकारी स्कूल अध्यापक ने बताया कि इस तरह के प्रयोग से बच्चों को एक अनूठा अनुभव हुआ जब उसने नोटबुक के बजाय ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) शीट पर अपनी पहली तिमाही मूल्यांकन परीक्षा दी।
कुल मिलाकर, छह जिलों - लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी और रायबरेली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक नामांकित 21 लाख छात्र परीक्षा दिए थे। अध्यापक ने बताया कि, "प्रत्येक प्रश्न के सामने अलग-अलग गोले बने हुए थे। इनको सही तरीके से रंगना था। यह सीखने का एक अलग अनुभव था।" दरअसल पहली बार, विभाग ने ओएमआर शीट और 'सरल ऐप' नामक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके मूल्यांकन किया गया।
स्कूल शिक्षा के महानिदेशक, विजय किरण आनंद ने कहा कि कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों ने अपने शिक्षकों के साथ ओएमआर शीट दाखिल करने के साथ मौखिक मूल्यांकन किया था, जबकि कक्षा 4 से 8 के छात्रों ने ओएमआर शीट खुद ही भरी थी।
इन शीटों को स्कैन करके सरल ऐप पर अपलोड किया गया था। इसके बाद इसमें से सही एवं गलत उत्तरों की पहचान की गई। प्रत्येक छात्र को नौ अंकों की यूनिक आईडी दी गई जिसके माध्यम से मूल्यांकन किया गया। स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा प्रश्न पत्र तैयार किए गए थे ताकि मौखिक पढ़ने, पढ़ने की समझ और बुनियादी कौशल जैसी प्रमुख मूलभूत दक्षताओं का परीक्षण किया जा सके।












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