यूपी विधानसभा चुनाव: अब BSP भी करेगी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग, जिस पर SP,BJP और कांग्रेस का है राज

बहुजन समाज पार्टी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग करेगी। इसके लिए पार्टी ने खासी रणनीति तैयार की है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब बहुजन समाज पार्टी भी उस प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी, जिससे वो अब तक दूर थी। इसके शुरूआत के लिए बसपा ने अपनी सुप्रीमो के बर्थडे का दिन चुना है। बसपा अब तक डिजिटल प्लेटफॉर्म से दूर थी, हालांकि अब वो परांपरिक चुनाव प्रचार के तरीकों से बाहर आएगी। बसपा सूत्रों के मुताबिक 15 जनवरी यानी यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के दिन पूरे राज्य में डिजिटल तौर तरीकों से प्रचार अभियान शुरू किया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा राज्यसभा सांसद मायावती के जन्मदिन के अवसर पर डिजिटल कैंपने के लिए ऑडियो-वीडियो के सीडी और तमाम पोस्टर तैयार कराए गए हैं।

यूपी विधानसभा चुनाव: अब BSP भी करेगी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग, जिस पर SP,BJP और कांग्रेस का है राज

इसमें उनके मुख्यमंत्री काल के दौरान किए गए कामों और सफलताओं के बारे में जानकारी दी गई है। बता दें कि समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर प्रचार करने के कारण बसपा को प्रचार का यह रास्ता अखित्यार करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपने कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म यूज करने की छूट दे रखी है। यह बात दीगर है कि बसपा के कुछ पोस्टर बीते दिनों सामने आये थे, जिसमें बहन जी को आने दो सरीखे नारे लिखे हुए थे।
गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी की ओर से भी चुनाव को लेकर खास नारे गूंज रहे हैं। 2007 में प्रदेश में कानून व्यवस्था को चोट करते हुए बीएसपी की ओर से नारा दिया गया 'चढ़ गुंडन की छाती पर, बटन दबाओ हाथी पर', जिसे मतदाताओं ने पसंद किया और 2007 में मायावती को बड़ी जीत हासिल हुई। हालांकि 2012 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में बीएसपी इस बार नए नारों से मैदान में उतरी है। बीएसपी के नारों पर गौर करें तो 'बेटियों को मुस्कुराने दो, बहजी को आने दो', 'बहन जी को आने दो, प्रदेश को गुंडे-माफिया से बचाने को', 'गांव-गांव को शहर बनाने दो, बहन जी को आने दो' और 'डर से नहीं, हक से वोट दो, बेइमानों को चोट दो'। इसके साथ-साथ एक और नारा बहुजन समाज पार्टी की ओर से उछाला जा रहा है वो है... 'कमल, साइकिल, पंजा होगा किनारे, यूपी चलेगा हाथी के सहारे'। इस नारे के जरिए सभी सियासी दलों पर निशाना साधा गया है। ये भी पढ़े: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: 'जीत की चाबी, डिंपल भाभी'...यूपी चुनाव में गूंजेंगे ऐसे नारे

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