अयोध्या आंतकी हमले में दरोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट
मामले में दरोगा केएन दुबे को गवाही देनी थी। लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे और न ही उनकी तरफ से अदालत न पहुंंचने की कोई वजह बताई गई।
इलाहाबाद। अयोध्या रामजन्म भूमि परिसर में आतंकी हमले की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। मामले के विवेचक दरोगा केएन दुबे के गवाही न देने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अब दरोगा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के लिये एसएसपी को आदेशित किया है। कोर्ट ने कहा इतने संगीन मामले में विवेचक कैसे लापरवाही करने सकते हैं। वह भी तब मामले की सुनवाई के लिये विशेष अदालत सुनवाई कर रही है।

अयोध्या मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय हुई है। इस तिथि पर विवेचक दारोगा कोर्ट भी गवाही के लिये हाजिर किया जायेगा। मालूम हो की 5 जुलाई 2005 की सुबह अत्याधुनिक असलहे से लैस खूंखार आतंकियों ने रामजन्म भूमि परिसर पर हमला किया था। बम से धमाका करते हुये दहशत फैलाई गई थी। हलांकि मंदिर स्थल पर पहुंचने से पहले ही सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर ली। आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक मुठभेड़ चली थी। जिसमें पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया था। जबकि गोली बारी में दो निर्दोष लोगों की जान भी चली गई थी। हमला करने की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर जैश-ए-तैयबा ने ली थी।
हमले की जांच में आतंकियों को असलहों की सप्लाई और उनकी मदद करने में आतंकी आसिफ इकबाल, मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और डॉ. इरफान का नाम आया। इन सभी को गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा गया। वर्ष 2006 में हाईकोर्ट के आदेश पर पांचों आतंकवादियों को फैजाबाद से इलाहाबाद के केन्द्रीय कारागार नैनी भेज दिया गया। जहां स्पेशल सेल में विशेष दस्ते की निगरानी में बंद इन आतंकियों की मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश प्रेमनाथ कर रहे है।
इसी मामले में तीसरे विवेचक केएन दुबे को गवाही देनी थी। लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे, न ही उनकी तरफ से अदालत न पहुंंचने की कोई वजह बताई गई। इस लापरवाही पर गंभीर हुई विशेष अदालत ने अब दारोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को कहा है।












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