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कानपुर: CM योगी का आदेश, 15 दिसंबर के बाद गंगा नदी में नहीं गिरेगा किसी नाले का पानी

By Bavita Jha
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    नई दिल्ली। कानपुर के CSA विश्वविद्यालय के स्टेडियम में आयोजित नमामि गंगे के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिठूर /कानपुर के 20 घाटों का लोकार्पण किया । 18 करोड़ से इन घाटों का निर्माण किया गया। इस मौके पर गडकरी ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा की नमामि गंगे में कुल 20000 करोड़ के बजट में से यूपी की 8900 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत/संचालित की गई हैं।

     no drains will merge with the Ganga River after December 15.

    कानपुर में 2200 करोड़ की परियोजनायों पर कार्य चल रहा है । उन्होंने कहा कि नमामि गंगे सहित कुंभ के मद्देनजर यूपी 8 दिन में DPR भेज कर उनसे जितना धन लेना चाहें ले ले। श्री गडकरी ने कहा कि गंगा को प्रदूषित करने में 10 शहरों में कानपुर प्रथम है। कानपुर अपने कचड़े से बायो CNG बनाकर प्रदेश की 5000 बसे संचालित कर सकता। इसके लिए केंद्र पूरी मदद करने को तैयार है।

    उन्होंने कहा कि कानपुर के टेनरी का पानी सीधे गंगा नदी में न जाए इसके लिए इसी महीने के अंत तक एसटीपी का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होनें कहा कि कानपुर से लखनऊ एक्सप्रेस वे 5000 करोड़ की लागत का कार्य शीघ्र प्रारम्भ हो जाएगा। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से कानपुर से लखनऊ पहुचने में मात्र 40 मिनट लगेगें।

    वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुंभ 2019 के मद्देनजर 15 दिसंबर के पश्चात किसी भी नाले का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में नहीं जाएगा। इसके लिए जनपद बिजनौर से बलिया तक इस कार्य में लगे अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानपुर से इलाहाबाद के बीच कुंभ के पहले गंगा को निर्मल करना है। सीएम योगी ने आगे कहा कि गंगा नदी मात्र नदी नहीं है ,यह हमारी अस्मिता एवं संस्कृति का प्रतीक है। गंगा को स्वच्छ एवं अविरल बनाये रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि भगीरथ की वर्तमान पीढ़ी को सकारात्मक सोच के साथ गंगा की निर्मलता के लिए आगे आना होगा।

    उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह चुनौती भरा कार्य है लेकिन प्रदेश सरकार का यह संकल्प है,जिसे सरकार पूरा करेगी। गंगा नदी की अविरलता को बनाये रखने के लिए उन्होंने गडकरी को सुझाव दिया कि गंगा एवं यमुना नदी के किनारे एक किलोमीटर के अंतराल पर बड़े जलाशय बनाये जाय। नदी में पानी कम होने पर इन जलाशयों से पानी छोड़ा जाए। गंगा के किनारे अगले साल तक वृक्षारोपण का काम किया जाएगा।

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    English summary
    TheUP government has now said that no drains will merge with the Ganga River after December 15.

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