Nikki Bhati Case: 'मेरी बेटी को दरिंदों ने जिंदा जलाया', बहू के आरोपों पर भड़के निक्की के पिता,जानें क्या कहा?
Nikki Bhati Case: नोएडा में 28 वर्षीय निक्की की मौत अब पहेली बनती जा रही है, जिस तरह से बीते 48 घंटों में निक्की के मायके और ससुरावालों की बातें सामने आई है, उसने निक्की की मौत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली नजर में देखकर लगा था कि निक्की को उसके पति, सास ने बुरी तरह से पीटने के बाद जला दिया है तो वहीं अब कुछ बातें इशारा कर रही हैं कि निक्की को जलाया नहीं गया बल्कि शायद उसने गुस्से में आकर खुद को आग लगा ली।
निक्की के मायकेवालों ने निक्की के घरवालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि दहेज के चक्कर में निक्की को मारने-पीटने के बाद जला दिया गया तो वहीं अब निक्की की भाभी मीनाक्षी भाटी ने मीडिया के सामने आकर निक्की और उसके घरवालों को ही दहेजलोभी बताकर इस केस में नया मोड़ ला दिया है।

मीनाक्षी भाटी ने कहा कि 'जो बर्ताव निक्की के साथ हुआ, वो ही व्यवहार उसके ससुरालवाले अपनी बहू के साथ करते थे। निक्की, कंचन , पति रोहित और सास-ससुर सभी उसे मारते-पीटते थे, इसी वजह से वो मायके में रहती हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि निक्की जल गई और मैं सांस ले रही हूं।'
'दोनों बातों को एक साथ मत जोड़िए' (Nikki Bhati Case)
निक्की की भाभी के आरोपों पर अब निक्की के पिता भिखारी पायला ने चुप्पी तोड़ी है, उन्होंने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि 'दोनों मामले अलग-अलग हैं, मेरी अपील है कि इन दोनों बातों को एक साथ मत जोड़िए, सच तो ये है कि मेरी बेटी जिंदा जली है, उसे दरिदों ने उसके बच्चे के सामने जलाया है। मीनाक्षी वाला मैटर दूसरा है, उसका केस चल रहा है , अदालत ही वो मामला अब साल्व करेगी, उसकी शादी दस साल पहले हुई थी, बहू के मामले का निक्की के केस से कोई लेना-देना नहीं है।'
'मेरे बेटे ने कभी बहू पर हाथ नहीं उठाया'
'मेरे बेटे (रोहित पायला) ने कभी उस पर (बहू पर) हाथ नहीं उठाया। क्या कभी ऐसा होता है कि कोई परिवार अपनी बेटी (बहू) को घर छोड़ने आए और उसके परिवार पर हमला कर दे? मेरे पास सारे सबूत हैं। हमारे दरवाजे हमेशा उसके (बहू) लिए खुले हैं।'
'मेरी बेटी चली गई, उसे दरिंदों ने जिंदा जलाया' (Nikki Bhati Case)
'सच तो ये है कि मेरी बेटी चली गई, मेरा दर्द कोई नहीं समझ सकता है, मैंने अपनी फूल सी बच्ची को खोया है। यहां महिला आयोग की प्रमुख भी आई थीं, उन्हें भी इन दोनों मामलों के बारे में पता है और वो खुद बोलकर गई हैं कि ये दोनों मामले अलग-अलग है इसलिए मैं बहू के बारे में कोई बात नहीं करना चाहता हूं।'

अपर्णा यादव ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा (Nikki Bhati Case)
आपको बता दें कि इस मामले पर महिला आयोग भी एक्टिव है, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर मामले की जानकारी मांगी है और गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़े से कड़े एक्शन लेने की बात कही है।
क्या है निक्की की मौत का सच?
मालूम हो कि 21 अगस्त को हुई इस घटना में शुरू में मामला दहेज हत्या का लगा लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, कई और कहानी सामने आ रही है, उम्मीद है कि सच जल्द लोगों के सामने आएगा।












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