लेवाना होटल अग्निकांड में अधिकारियों की लापरवाही आई सामने, जानिए LDA की रिपोर्ट से क्यों मची खलबली
लखनऊ, 06 सितंबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लेवाना होटल अग्निकांड में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की भी परत दर परत खुलने लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त रवैये के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सोमवार देर शाम राज्य की राजधानी में लेवाना सूट होटल में आग लगने की अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में 22 इंजीनियरों एवं जोनल अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर बिल्डर के साथ मिलीभगत करने और अवैध निर्माण गतिविधि पर आंखें मूंद लेने के लिए कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। .

विकास प्राधिकरण ने हजरतगंज थाने में मेसर्स बंसल कंस्ट्रक्शन के मुकेश जसनानी और उनके सहयोगियों के खिलाफ आवासीय भूखंड पर होटल चलाने के लिए प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। एलडीए के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी ने घटना की जवाबदेही तय करने के लिए एलडीए सचिव पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था।
22 इंजीनियरों एवं जोनल अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
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प्रारंभिक जांच के बाद, समिति ने 22 इंजीनियरों एवं जोनल अधिकारियों को कथित रूप से बिल्डर के साथ मिलीभगत करने और अवैध निर्माण गतिविधि से आंखें मूंदने के लिए जिम्मेदार पाया गया है। समिति ने 2 जुलाई, 2017 से जोन छह (जिसमें हजरतगंज भी शामिल है) में तैनात इंजीनियरों को घटना के लिए जिम्मेदार पाया है।
लेवाना सूट के मालिक राहुल और रोहित अग्रवाल, होटल प्रबंधक सागर श्रीवास्तव के साथ उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 और 308 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया। ) पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी में रोहित के पिता पवन अग्रवाल का भी नाम है।
लेवाना अग्निकांड में 4 लोगों की हुई मौत
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) पीयूष मोरदिया ने चार मौतों की पुष्टि की और कहा कि दो होटल मालिकों और महाप्रबंधक से उन चूकों के बारे में पूछताछ की गई जिनके कारण आग की घटना हुई। दमकल कर्मियों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया दल (एसडीआरएफ) के सदस्यों ने बचाव अभियान चलाया और होटल में रह रहे कई लोगों को बचा लिया गया।












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