Narendra Modi Record: मोदी रिकॉर्ड तोड़! विपक्ष ने क्यों उठाए बेरोजगारी-महंगाई के सवाल?
Narendra Modi Record Congress Targeted: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार सबसे लंबे समय तक देश के प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरे देश और खासकर उत्तर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए जश्न मना रही है। कई जगहों पर विशेष प्रार्थनाएं, हवन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
हालांकि, इस मौके पर विपक्ष ने सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मोदी सरकार के कार्यकाल को लेकर कई सवाल उठाए और दावा किया कि सरकार अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों का भी जवाब दे।

कैसे बना नया रिकॉर्ड?
बुधवार को नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नेहरू ने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री के रूप में 4,398 दिनों तक लगातार कार्य किया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि मोदी लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता में बने हुए हैं।
कांग्रेस ने उठाए बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बीजेपी के जश्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियों के साथ उन समस्याओं पर भी जवाब देना चाहिए जिनका सामना आम लोग कर रहे हैं।
राय का आरोप है कि मोदी सरकार का कार्यकाल बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर में कई भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ।
कांग्रेस का दावा है कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल पाए हैं। पार्टी का कहना है कि रोजगार सृजन की गति उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही, जबकि बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में हैं।
राशन बनाम रोजगार की बहस
अजय राय ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर भी टिप्पणी की। उनका कहना है कि लोगों को रोजगार और स्थायी आय के अवसर देने के बजाय मुफ्त राशन योजनाओं पर अधिक जोर दिया गया।
कांग्रेस लंबे समय से यह मुद्दा उठाती रही है कि देश में आर्थिक आत्मनिर्भरता और रोजगार बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं बीजेपी का दावा है कि उसकी योजनाओं ने करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई है और गरीब परिवारों की मदद की है।
महंगाई और अर्थव्यवस्था पर भी सवाल
कांग्रेस ने महंगाई को लेकर भी सरकार की आलोचना की। पार्टी का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ाया है। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा, रोजगार और आर्थिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सरकार अपेक्षित परिणाम देने में पूरी तरह सफल नहीं रही।
हालांकि केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं तथा सामाजिक योजनाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं।
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार की समस्याएं बढ़ी हैं।
अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव का फैसला कर सकती है।
2027 को लेकर विपक्ष की तैयारी
समाजवादी पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि उसे सत्ता में आने का मौका मिलता है तो रोजगार, किसानों की आय, उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरी ओर बीजेपी अपने विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लेकिन इस उपलब्धि के साथ राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। जहां बीजेपी इसे नेतृत्व और स्थिरता का प्रतीक बता रही है, वहीं विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को सामने रखकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में यही मुद्दे देश और उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।













Click it and Unblock the Notifications