'कृष्णानंद राय की बुलेट प्रूफ SUV को भेदने के लिए 1 करोड़ रुपये की मशीन गन खरीदना चाहता था मुख्तार अंसारी'
Mukhtar Ansari: यूपी एसटीएफ के पूर्व अधिकारी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक करोड़ रुपये में मशीन गन खरीदना चाहता था। जिससे विधायक कृष्णानंद राय की एसयूवी गाड़ी को भेद सके।

Mukhtar Ansari: गाजीपुर कोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उनके सांसद भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई है। इसको लेकर एसटीएफ के तात्कालीन डीएसपी शैलेंद्र सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी कृष्णानंद राय की बुलेट प्रूफ SUV में गोली मारने के लिए 1 करोड़ रुपये की लाइट मशीन गन खरीदना चाहता था।
मुख्तार अंसारी ने 2004 में सेना के एक भगोड़े से मशीन गन खरीदी थी। जिसे शैलेंद्र सिंह ने मशीन गन बरामद की थी। उन्होंने गैंगस्टर पर पोटा लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन शैलेंद्र सिंह पर ही गाज गिर पड़ी। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अब जैविक खेती कर रहे हैं।
टीओआई से बात करते हुए शैलेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें गिरोह के सरगना के लिए निशाना बनाया गया था। जनवरी 2004 में माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी और मोहम्मदाबाद के तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय के बीच लखनऊ छावनी में गोलीबारी हुई थी। यूपी स्पेशल टास्क फोर्स के तत्कालीन एसएसपी राजकुमार विश्वकर्मा ने मुझे निगरानी का काम सौंपा था।
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उन्होंने कहा कि मैंने मुख्तार अंसारी और उनके रिश्तेदार तनवीर अहमद (उर्फ तन्नू) के बीच बाबूलाल यादव से एक लाइट मशीन गन खरीदने के बारे में बातचीत सुनी थी। सेना के भगोड़े के जवान से डील होने वाली थी। वह लंबे समय तक मुख्तार के गनर मुन्नार यादव का भतीजा भी रहा।
मुख्तार मशीन गन को किसी भी कीमत पर खरीदने पर अड़ा हुआ था, ताकि बाबूलाल विरोधियों को इसे न बेचे। वह बाबूलाल द्वारा मांगी गई 1 करोड़ रुपये की भारी कीमत चुकाने के लिए भी तैयार हो गया था। मुख्तार ने अपने गुर्गों से कहा कि विधायक कृष्णानंद राय की बुलेटप्रूफ एसयूवी को भेद सकेगी। क्योंकि सामान्य असॉल्ट राइफल इसे भेद नहीं सकेगी।
जनवरी 2004 की रात को एक ऑपरेशन की योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया गया। मेरी टीम ने साहस का परिचय देते हुए बाबूलाल और उसके मामा मुन्नार यादव को वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मशन गन और उसके कारतूस जब्त कर लिए गए। हालांकि बाद में नवंबर 2005 में राय को गोली मार दी गई और मुख्तार को मुख्य आरोपी बनाया गया।
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