Mukhtar ansari education: कितना पढ़ा-लिखा है मुख्तार अंसारी और उसका सांसद भाई अफजाल अंसारी
गाजीपुर की एक कोर्ट ने गैंगस्टर से विधायक बने मुख्तार अंसारी और उसके सांसद भाई आफ़जाल को जेल की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं ये दोनों कितने पढ़े लिखे हैं।

उत्तर प्रदेश में पांच बार विधायक रहे गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को शनिवार को गाजीपुर की एक कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दस साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ माफिया मुख्तार पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुख्तार अंसारी के साथ उसके भाई बसपा सांसद अफजाल आंसारी को भी कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत चार साल की जेल की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं कि कितने पढ़े-लिखे हैं ये माफिया से विधायक और सांसद बने यूपी के दोनों गैंगस्टर भाई?
खूंखार कारनामों से अपना खौफ लोगों में बनाया
30 जून 1963 को यूपी के गाजीपुर में सुभानुल्लान के घर में जन्में मुख्तार अंसारी न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बन गए था। एक समय पर यूपी का बच्चा-बच्चा तक उसे नाम से पहचानता था । उसने फिरौती से सैकड़ों करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया। माफिया से नेता बने खूंखार कारनामों से उसने अपना खौफ लोगों में बनाया।
दबंगई के दम पर सरकारी ठेके हासिल कर चढ़ी राजनीति की सीढ़ी
पूर्वांचल जो उस समय पिछड़े इलाकों मे था वहां 70 और 80 के दशक में आलम ये था कि हर सरकारी प्रोजेक्ट पर बड़े- बड़े अपराधी गिरोह और माफिया कब्जा करने को तैयार थे। सरकारी ठेकों के लिए खून बहाने का दौर शुरू हो चुका था। मुख्तार अंसारी दबंगई के दम पर सरकारी ठेके हासिल कर रानजीति में आगे बढ़ता गया।
गैंगस्टर मुख्तार अंसारी ने जानें कहां तक की थी पढ़ाई?
माफिया मुख्तार अंसारी का राजीति में आना सोची समझी चाल थी। उसने क्राइम की दुनिया से रानजीति में एंट्री करने के लिए छात्र राजनीति में करने के बाद की। मुख्तार अंसारी ने राजकीय शहर इंटर कॉलेज और पीजी कॉलेज गाजीपुर से पढ़ाई की है. इसके बाद वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति करने लगा और 1996 में उन्होंने बसपा के टिकट पर मऊ से चुनाव लड़ा और विधायक चुना गया।
पोस्ट ग्रेजुएट हैं 5 बार विधायक, दो बार सांसद रहा अफजाल अंसारी
वहीं मुख्तार अंसारी का सांसद भाई अफजाल अंसारी जो बहुजन समाज पार्टी से गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद है। जिसे चार साल की सजा शनिवार को सजा मिली है पांच बार विधायक और दो बार सांसद रहे अफजल ने 2004 के आम लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत हासिल सांसद बना था और वर्तमान समय में भी बसपा सांसद है। 1976 में गाजीपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
पहली बार इस केस में दर्ज हुआ नाम
1988 के सच्चिदानंद राय हत्याकांड में पहली बार मुख्तार अंसारी का नाम किसी केस में आया था लेकिन पुलिस इस मामले में कोई सबूत नहीं जुटा सकी और मुख्तार अंसारी को दोषी साबित नहीं कर सकी। इसके बाद मुख्तार सुर्खियों में आ गया 1990 के दशक में मुख्तार अंसारीऔर 1990 के दशक में मुख्तार अंसारी और उसके गिरोह ने जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया और तमाम सरकारी टेंडर और ठेके बंदूक के दम पर हड़पने लगे।
पांच बार लगातार विधायक रहा मुख्तार अंसारी
मुख्तार अंसारी ने बीकॉम की डिग्री हासिल की है। 1986 में पहली बार बसपा के टिकट पर विधायक बना इसके बाद लगातार पांच बार इस सीट से विधायक बतता रहा। 1996 में बसपा से, 2002 और 2007 में वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में और 2012 में उन्होंने कौमी एकता दल नाम से अपनी पार्टी बनाई और उस पार्टी से विधायक बना।
2017 में बसपा में अपनी पार्टी का विलय कर दिया और बसपा से विधायक चुना गया। 2022 में उनके बेटे अब्बास अंसारी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से इस सीट पर चुनाव लड़ा और विधायक बना। हालांकि मुख्तार अंसारी जेल में बंद है लेकिन वो वहीं से बैठ कर अपना काम को अंजाम दिलवाता है।
4 जिलों की राजनीति का केंद्र था उसका पैतृक निवास
80 के दशक में मुख्तार अंसारी एक अन्य माफिया बृजेश सिंह के साथ गैंगवार में शामिल था। मऊ, जौनपुर, बलिया और वाराणसी तक इसने अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया था और बड़ी संख्या में युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेला। गाजीपुर के यूसुफपुर में मुख्तार का पैतृक निवास 'बरका फाटक' कभी आस-पास के 4 जिलों की राजनीति का केंद्र था। पांच बार विधायक रहे माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, सशस्त्र दंगे, आपराधिक साजिश, आपराधिक धमकी, संपत्ति हड़पने के लिए धोखाधड़ी समेत अन्य मामले दर्ज हैं।












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