क्या है एंबुलेंस प्रकरण जो मुख्तार अंसारी के लिए बना गले की हड्डी? अतीक की मौत के बाद लगी इंटरव्यू पर रोक
तीन सप्ताह पहले हुई अतीक और अशरफ अहमद की मौत के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया को मुख्तार का इंटरव्यू तक करने से रोक लगाई है।

एंबुलेंस प्रकरण मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के गले की हड्डी बनती जा रही है। लगातार सुनवाई का दौर जारी है। 9 मई यानी आज एंबुलेंस पंजीयन मामले में एसीजेएम कोर्ट बाराबंकी में सुनवाई होनी है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्तार की पेशी होगी। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में मुख्तार को पहले ही 10 साल की सजा हो चुकी है। एंबुलेंस प्रकरण मुख्तार के लिए टेंशन बढ़ता जा रहा है।
उधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश कोर्ट ने तीन सप्ताह पहले अतीक और अशरफ अहमद की मौत के बाद दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया को मुख्तार का इंटरव्यू तक करने से रोक लगा दी है।
क्या है एंबुलेंस प्रकरण?
दरअसल, मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब उसे मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। उस वक्त यूपी के बाराबंकी जिले की नंबर प्लेट लगी एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट पहुंचा था। इसके बाद मऊ जनपद के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. अलका राय के खिलाफ बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।
टाइम लाइन में समझें कब क्या हुआ?
- 21 मार्च 2013- एक एंबुलेंस यूपी एटी 7171 एआरटीओ ऑफिस में फर्जी दस्तावेज से पंजीकृत कराई गई।
- 31 मार्च 2021- मुख्तार अंसारी के पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल पाया गया।
- 2 अप्रैल 2021- मऊ जनपद के श्याम संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डॉ. अलका राय के खिलाफ बाराबंकी के तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया।
- 4 जुलाई 2021- फर्जी कागजों के जरिए एंबुलेंस पंजीकृत कराने और गलत इस्तेमाल को लेकर पुलिस ने मुख्तार अंसारी, डॉ. अलका राय समेत कई के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए।
- 25 मार्च 2022- शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ, जिसकी सुनवाई चल रही है।












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