बहू को जिंदा जलाने और पशु बाड़े में रेप के दोषियों को मिली बड़ी सजा
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले की एक स्थानीय अदालत ने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में दोष साबित हो जाने पर उसके पति और सास को उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलोज चन्द्र की अदालत ने मौदहा थाने के ढीहा डेरा गांव निवासी नरेश निषाद और उसकी मां रज्जन के खिलाफ विवाहिता रिंकी पर किरोसिन तेल डाल कर जिंदा कर मार डालने का आरोप साबित होने पर गुरुवार को उम्र कैद और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि रिंकी की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में चार नवंबर 2013 को हुई थी, उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष मृत्यु पूर्व दिए बयान में अपने पति नरेश और सास रज्जन पर किरोसिन तेल छिड़क कर आग लगाने का आरोप लगाया था।
किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को 10 साल की कैद
उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की एक अदालत ने किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी युवक को दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह जानकारी शुक्रवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता ने दी है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवभूषण वर्मा ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैप्टन डी.पी.एन. सिंह की अदालत ने अतर्रा थाने के खटौरा गांव के युवक कुलदीप को एक 14 साल की किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप साबित होने पर गुरुवार को दस साल की कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि 11 नवंबर 2015 की शाम किशोरी किसी काम से अपने घर बाहर निकली थी, उसे कुलदीप ने पकड़कर पशु बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म की घटना की थी। चिकित्सीय जांच में भी दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में अदालत में पांच गवाह पेश किए गए थे।












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