माँ तो आखिर माँ होती है! दिल्ली में बेटे को आया हार्ट अटैक, गाँव में माँ ने तोडा दम, एकसाथ जलीं चिताएं
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक बेहद ही दुखद मामला सामने आया है, जिसमे एक युवक की हार्ट अटैक से मौत के बाद उसकी माँ ने भी सदमे में दम तोड़ दिया। बूढी माँ अपने बेटे की मौत नहीं बर्दाश्त कर पाई और उसने भी अपने प्राण त्याग दिए। जिसके बाद दोनों की चिताएं एक साथ जलाई गईं। जिसने भी यह नजारा देखा वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया।
बता दें कि मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव इन्नीखेड़ा निवासी 36 वर्षीय प्रदीप कुमार उर्फ पिंन्टू पुत्र हंसराज सिंह चौहान दिल्ली में रहकर ओला कंपनी में अपनी कार चलाता था। प्रदीप चार भाइयों में सबसे बड़ा था। जानकारी अनुसार, बीते रविवार की शाम करीब 8 बजे जब वह घर पर था, तभी अचानक उसके सीने में दर्द हुआ। जानकारी होने के बाद परिजन उसे लेकर जब तक अस्पताल पहुंचे तब तक प्रदीप की मौत हो चुकी थी।

उधर, प्रदीप की मौत की सूचना जब गांव में परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। वहीं घर पर मौजूद मां कुसुमा देवी ने जब बेटे की मौत की खबर सुनी तो वह एक झटके के साथ वहीं बैठ गईं। लोगों ने समझा की बेटे की मौत का सदमा है। लेकिन जब कुछ देर तक उनके शरीर में हलचल नहीं हुई तो लोगों ने उन्हें हिलाकर देखा। पता चला की 70 वर्षीय मां कुसुमा देवी ने भी अपने प्राण त्याग दिए हैं। एक ही घर में दो-दो लोगों की मौत होने से घर में कोहराम मच गया।
जिसके बाद कुछ परिजन प्रदीप के शव को लेने दिल्ली चले गए। सोमवार की सुबह मां बेटे के शवों का एक ही स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से म्रतक की पत्नी प्रियंका व तीन बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मां-बेटे की एक साथ मौत होने से पूरे गाँव में मातम छा गया है।
परिजनों ने बताया कि प्रदीप चारों भाइयों में सबसे बड़ा था। मृतिका माँ कुसुमा देवी उससे बेहद प्रेम करती थीं। प्रदीप बड़ा होने के साथ ही घर का जिम्मेदार शख्स भी था। जिस कारण मां और अन्य भाई भी सम्मान करते थे। अपना हर सुख दुख माँ-बेटे एक दूसरे से बांटते थे। दोनों के एक साथ चले जाने से पूरा घर सदमे में है।












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