UPSC Result 2023: कोई नींद में था, कोई अगली परीक्षा की किताबें जुटा रहा था, बड़ी खबर आते ही बदल गया सबकुछ
UPSC सिविल सर्विसेज़ का रिजल्ट आ गया है। इस बार के परिणाम पर नजर डालें तो टॉप 100 की सूची में यूपी के एक दर्जन से ज्यादा होनहारों को सफलता मिली है।

UPSC Civil Service Result 2023: संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) ने वर्ष 2023 के परिणामों की घोषण कर दी है। इसमें एक बार फिर लड़कियों ने ही पहले चार स्थानों पर कब्जा किया है। हालांकि यूपी के लिहाज से देखा जाए तो टॉप 100 की सूची में करीब एक दर्जन नाम शामिल हैं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर इस परीक्षा को पास कर अपने परिवार, गांव, जिले और राज्य का नाम रौशन किया है। यह परिणाम कई मायनों में अहम है क्योंकि कोई यूपीएससी की अगली परीक्षा के लिए किताबों का इंतजाम करने में जुटा था तो कोई इस भीषण गर्मी में परिणाम से बेखबर होकर नींद के आगोश में था। लेकिन जब परिणामों की जानकारी मिली तो सभी हैरान रह गए।
यूपी के एक दर्जन होनहारों को टॉप 100 में मिली जगह
यूपी के लगभग एक दर्जन उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 में शीर्ष 100 में स्थान हासिल किया है। इसके परिणाम संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को घोषित किए थे। यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर (27) ग्रेटर नोएडा की रहने वाली हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए ऑनर्स करने के बाद इशिता का यह तीसरा प्रयास था। उनके वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध थे। पढ़ाई के अलावा उन्हें मधुबनी पेंटिंग बनाने का भी शौक है।
UPSC में सफलता से उत्साहित हैं विदुषी सिंह
इसी तरह ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल करने वाली स्मृति मिश्रा (25) नोएडा की रहने वाली हैं। डीयू से एबीएससी, स्मृति ने स्नातकोत्तर में कानून की पढ़ाई की। इसी तरह ऑल इंडिया 13वीं रैंक हासिल करने वाली फैजाबाद की विदुषी सिंह (22) के लिए नतीजे खास रहे। विदुषी ने कहा कि,
मैं अपने पहले प्रयास में परीक्षा को क्रैक करने के लिए उत्साहित हूं। जब नतीजे आए तो मैं दोपहर में सो रही था। जब मैंने नतीजे देखे, तो मुझे लगा कि यह नकली है। मैंने यूपीएससी की वेबसाइट पर फिर से सूची की जांच की जिसे देखकर मैं दंग रह गई। इस परिणाम की कल्पना नहीं की थी।
बलिया के शिशिर कुमार सिंह वाराणसी में हैं एसडीएम
इसी तरह एसडीएम वाराणसी के रूप में कार्यरत बलिया जिले के मूल निवासी शिशिर कुमार सिंह (28) ने अपने चौथे प्रयास में ऑल इंडिया में 16वीं रैंक हासिल की है। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स यूनिवर्सिटी, धनबाद से इंजीनियर शिशिर का वैकल्पिक विषय गणित था। उनकी रुचि शैल फोटोग्राफी और क्रांतिकारी विधा की हिंदी कविता पढ़ने में है। इसी तरह लखनऊ के अनुभव सिंह (29) की रैकिंग 34वीं है। अनुभव ने कहते हैं कि,
पांच प्रयासों के बाद आखिरकार मैं सफल रहा। मुझे दृढ़ विश्वास था कि सफलता मिलेगी। पहले के प्रयासों से हालांकि निराश नहीं हुआ और लगातार प्रयास करता रहा। इस परीक्षा में सफल होने का मूल मंत्र अपने उपर विश्वास होने के साथ ही धैर्य बनाए रखना है।
कानपुर के चैतन्य के पिता का कोरोना में हुआ था निधन
कानपुर के चैतन्य अवस्थी (25) के लिए यूपीपीएससी के परिणाम उनके पत्रकार पिता के लिए एक श्रद्धांजलि की तरह है। उनका निधन कोरोना की दूसरी कोरोना लहर के दौरान हो गया था। चैतन्य ने कहा कि,
यह मेरा पहला प्रयास था और मैंने वास्तव में रैंक के बारे में कभी नहीं सोचा था। सिविल सेवाओं की तरफ झुकाव मेरे पिता की वजह से हुआ है। उन्होंने हमेशा मुझे जीवन में एक बार इस परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया था। पापा का कोरोना में निधन हो गया था। आज वो जिंदा होते तो इस सफलता की खुशी वाकई में दोगुनी होती।
लखनऊ के शुभम कुमार और शामली की प्रतीक्षा मिश्रा भी शामिल
IIT मुंबई के एक केमिकल इंजीनियर मनन अग्रवाल (25) ने अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया में 46वीं रैक हासिल की है। मनन कहते हैं कि, यह रैंक बहुत मायने रखता है। मुझे लगता है कि यह सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि मेरे परिवार की कड़ी मेहनत की पराकाष्ठा है। भाग्य का भी इसमें अहम रोल है जिसके परिणामस्वरूप यह रैंक प्राप्त हुई है।" लखनऊ के शुभम कुमार ने 41वीं रैंक और शामली की प्रतीक्षा मिश्रा ने 52वीं रैंक हासिल की है।












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