VIDEO: साहूकार ने गरीब कुम्हार के मुंह पर बरसाईं चप्पलें, कहा दो दिन के लिए बीवी दे दो
मुजफ्फरनगर। देश की आजादी के साथ हम सब ने एक सपना देखा था कि गरीब किसान और खेतिहर मजदूर को साहूकार और जमींदार के जुल्म और उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी मगर आजादी के 70 साल बाद भी तस्वीर नहीं बदली है। आज भी गरीब मजदूर और किसान पर साहूकारों का जुल्मों सितम बदस्तूर जारी है। बेजुबान बेबस मजदूर जानवर की तरह अपमान के घूंट सिसक-सिसक कर पी रहा है। आज हम आपको ऐसे ही एक जमीदार के जुल्म ओर सितम की दास्तां दिखा रहे हैं, जिसनें भारी भरकम ब्याज नही चुका पाने पर एक मिट्टी से बर्तन बनाने वाले गरीब को बुरी तरह पीटा ही नही बल्कि पैसे नही चुकाने पर उसकी पत्नी तक को दो रात अपनी साथ सोने तक कि पेशकश कर डाली। ये सब देखकर आप खुद ही अंदाजा लगाए कि क्या हम आजाद भारत मे जी रहे है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश मे भले ही मुद्रा योजना जैसी दर्जनों योजना लागू कर रखी हो मगर आज भी गरीब साहूकारों के चंगुल में फंसे हुए हैं। मामला मुज़फ्फरनगर के पलड़ा गांव का है, यह एक गरीब मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करता है और जो कमाता है उससे दो जून की रोटी चलती है। दो साल पहले बिटिया के हाथ पीले किए तो शादी में हुआ कर्ज उतारने के लिए एक साहूकार से 50 हजार रुपये उधार ले लिए। दो महीने में यह रकम ब्याज लगकर हो गई सवा लाख हो गई, क्योंकि साहूकार ने बयान की दर तय की 10 प्रतिशत रोजाना यानी एक सौ पर दस रुपये रोज।
साहूकार का ब्याज पर ब्याज लगा तो 7 हज़ार के 2 महीने में बढ़कर 37 हज़ार हो गए। जब गरीब संजीव ने इतना पैसा देने में मज़बूरी दिखाई तो साहूकार शैतान बन गया और उसने वो किया जिसे देख किसी की भी आत्मा रो उठे।साहूकार रण्टेज उर्फ काला ने एक एक जूते ओर थप्पड़ से पीट-पीट कर रुपया वसूलने की कोशिश की शरीर पर पड़ी चोट से निकली आह को संजीव बेबसी से पी गया। मगर इंतहा तो तब हो गई जब साहूकार ने बकाया रुपयों के बदले उसकी पत्नी की डिमांड कर डाली और यही से एक गरीब की गैरत ने अपने साथ हुए अत्याचार से निपटने के लिए आवाज उठाई।












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