Saurabh Murder Case: जेल में मुस्कान-साहिल के 6 दिन! नशे की तलब, अकेलापन और पछतावे के साए में बीत रहा एक-एक पल
Saurabh Murder Case: मेरठ जिला जेल की ऊंची दीवारों के पीछे, जहां हर कैदी अपने अपराध और अतीत के बोझ तले दबा हुआ है, वहीं दो नए कैदी अपने अपराध की सजा भुगतने के पहले ही मानसिक और शारीरिक संघर्षों से जूझ रहे हैं। ये हैं मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला; वे लोग जिन पर मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की बेरहम हत्या का आरोप है।
19 मार्च को जेल में दाखिल होने के बाद से ही दोनों की हालत बिगड़ती जा रही है। मुस्कान गहरे मानसिक तनाव में है, जबकि साहिल नशे की लत से जूझ रहा है। जेल अधिकारी बताते हैं कि मुस्कान ज्यादा बोलती नहीं, अपना चेहरा ढके रखती है और बाकी कैदियों से बचने की कोशिश करती है।

दूसरी ओर, साहिल लगातार बैरक में घूमता रहता है, कभी-कभी खाना भी छोड़ देता है। डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि उसके नशे की तलब के कारण उसकी हालत बिगड़ सकती है।
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इस बीच, मुस्कान ने सरकारी वकील की मांग की है और अपनी बेटी पीहू से मिलने की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक उसे यह इजाजत नहीं मिली है। जेल अधिकारियों का कहना है कि दोनों को कड़ी निगरानी में रखा गया है, ताकि वे खुद को या किसी और को नुकसान न पहुंचा सकें।
जेल में अलग-अलग बैरकों में हैं मुस्कान-साहिल
19 मार्च को मेरठ जेल पहुंचने के बाद से ही दोनों को अलग-अलग आम बैरकों में रखा गया है। जेल सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी ने उनसे मिलने की कोशिश नहीं की है और न ही किसी मुलाकात के लिए आवेदन किया गया है।मुस्कान ज्यादातर समय चुप रहती है, अपना चेहरा ढके रखती है और बहुत कम बातचीत करती है। वहीं, साहिल नशे की लत के कारण बेचैन है और उसकी तबीयत बिगड़ रही है। जेल के डॉक्टर उसकी हालत पर नजर रख रहे हैं।
साहिल को नशे की तलब, मुस्कान मानसिक तनाव में
जेल अधिकारियों ने बताया कि साहिल लगातार बैरक में घूमता रहता है और कभी-कभी खाना भी नहीं खाता। यदि उसकी हालत और बिगड़ती है, तो उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजने पर विचार किया जाएगा। मुस्कान 40 अन्य महिला कैदियों के साथ एक बैरक में है, जिनमें से 26 पर हत्या के आरोप हैं। हालांकि, जेल अधिकारियों का कहना है कि इनमें से किसी का अपराध उतना भयावह नहीं है जितना मुस्कान का। जब वह पहली बार बैरक में आई, तो अन्य कैदियों ने उससे कई सवाल पूछे, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
जेल में कैसे कट रहे दिन?
19 मार्च को मेडिकल जांच के बाद जेल में लाए जाने पर, दोनों पर पहले से ही वकीलों द्वारा किए गए हमले का असर दिख रहा था। उन्होंने एक साथ रहने की मांग की, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया। मुस्कान ने शुरू में खाना खाने से मना कर दिया, जबकि साहिल रोटी और दाल खाकर आराम से सो गया। अगले दिन, मुस्कान ने फिर से नाश्ता करने से इंकार कर दिया, लेकिन काउंसलिंग के बाद थोड़ा-बहुत खाना खाया और अपनी बेटी से बात करने की मांग की। हालांकि, यह अनुरोध ठुकरा दिया गया।
21 मार्च तक, मुस्कान के पास कोई व्यक्तिगत सामान नहीं था, इसलिए जेल प्रशासन ने उसे कपड़े उपलब्ध कराए। उसने बिना किसी आपत्ति के इन्हें स्वीकार किया, नहाई और कपड़े बदले, लेकिन फिर भी मानसिक रूप से परेशान दिखी।
22 मार्च को दोनों की बढ़ती चिंता को देखते हुए जेल अधिकारियों ने एक नशा मुक्ति केंद्र के विशेषज्ञों से काउंसलिंग करवाई। मुस्कान पहले से और अधिक चुप हो गई, जबकि साहिल की बेचैनी बनी रही।
मुस्कान की प्रेग्नेंसी की अटकलें
जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान की गर्भावस्था को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इसे देखते हुए जल्द ही उसकी मेडिकल जांच करवाई जाएगी। मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों को फिलहाल 10 दिन के लिए आम बैरकों में रखा जाएगा, जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों को पर्याप्त भोजन और मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं।
क्या था हत्या का खौफनाक प्लान?
3 मार्च की रात, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। सौरभ हाल ही में लंदन से लौटा था और मर्चेंट नेवी में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने पहले सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद, उसने सोते हुए सौरभ के सीने में चाकू घोंप दिया। साहिल ने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक प्लास्टिक ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया, ताकि किसी को शक न हो।
झूठी हंसी, नकली ट्रिप और सोशल मीडिया पर धोखा
हत्या के बाद, मुस्कान ने सौरभ की हत्या को छिपाने के लिए एक अलग ही योजना बनाई। वह साहिल के साथ शिमला और मनाली घूमने चली गई और सोशल मीडिया पर खुशहाल तस्वीरें पोस्ट करती रही, ताकि सबको लगे कि सब कुछ सामान्य है।
लेकिन जब 18 मार्च को सौरभ के छोटे भाई राहुल ने उनके घर का दौरा किया, तो उसे मुस्कान की बातों पर शक हुआ। घर से आ रही बदबू ने राहुल और पड़ोसियों को चौका दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। तलाशी के दौरान, पुलिस को प्लास्टिक ड्रम में बंद सौरभ का शव मिला।
जुर्म कबूल, लेकिन अब जेल में जिंदगी मुश्किल
गिरफ्तारी के बाद, मुस्कान और साहिल ने पुलिस के सामने हत्या की बात कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि वे सौरभ को मारकर एक नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे। लेकिन अब जेल की ऊंची दीवारों के बीच वे अकेलेपन, तनाव और नशे की तलब से जूझ रहे हैं। मुस्कान हर दिन गुमसुम रहती है, जबकि साहिल बेचैन होकर जेल के अंदर चक्कर काटता रहता है। दोनों के लिए आगे की जिंदगी क्या होगी, यह अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
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