मेरठ: भाभी के अवैध संबंधों से नाराज फौजी देवर ने प्रेमी की हत्या
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में 6 मई को हुई बबलू गुर्जर की हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि बबलू की हत्या को दो फौजियों ने एक अन्य युवक के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने एक फौजी और उसके साले को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक युवक अभी फरार है। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे फौजी की भाभी से अवैध संबंध थे, जिस कारण फौजी की गांव में बदनामी हो रही थी।

6 मई को हुई थी हत्या
एसएसपी राजेश पांडे ने बताया कि स्याल निवासी बबलू गुर्जर शादी व अन्य समारोह में घोड़ी नचाने का काम करता था। बताया कि पांच मई की रात वह मुजफ्फरनगर से एक शादी समारोह से घोड़ी नचाकर लौट रहा था। करीब दो बजे जब वह गांव में ही अपने घेर में गाड़ी से घोड़ी को उतार रहा था तो गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। एसएसपी ने बताया कि मृतक बबलू के परिजनों ने गांव के ही सुंदर, पप्पू व टीटू उर्फ अशोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने सुंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में पाया गया है कि तीनों नामजद आरोपी निर्दोष है।

ऐसे हुआ खुलासा
एसएसपी ने बताया कि जांच पड़ताल में बबलू के अवैध संबंधों के बारे में पता चला। जिसके बाद पुलिस ने अजीत और उसके साले तेजेंद्र को गिरफतार किया है। स्याला निवासी अजित 108 इन्फेंट्री बटालियन महार रेजिमेंट, आईएमए देहरादून में तैनात है। 24 अप्रैल में वह एक शादी में गांव आया था, तब उसे गांव के लोगों ने बताया था कि उसकी भाभी का गांव के ही बबलू से अवैध संबंध है और पूरे गांव में इसकी चर्चा है। अजीत ने बबलू को समझाने की कोशिश की लेकिन बबलू ने फौजी को धमका दिया। जिसके चलते फौजी अजीत छुट्टियों में गांव भी नहीं आता था।

प्लान बनाकर की हत्या
एसएसपी ने बताया कि गांव में बदनामी की बात सुनते ही अजीत ने बबलू का मर्डर करने का मन बना लिया था। उसने अपनी ही बटालियन के एक साथी नीरज और अपने साले तेजेंद्र के साथ मिलकर बबलू की हत्या का प्लान बनाया। प्लान के अनुसार अजीत देहरादून से किराए की टैक्सी संख्या यूके 077बी 1723 से रात नौ बजे देहरादून से अकेले चला था। उसने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर देहरादून में ही छोड़ दिया था। गांव के बाहर उसे उसका साथी नीरज और साला तेजेंद्र मिल गए। बबलू के गांव पहुंचे और उसका इंताज करने लगे। बबलू को आता देखकर अजीत, नीरज और तेजेंद्र ने उसे घेर लिया और गोली मार कर उसकी हत्या कर दी।

निर्दोष युवक किया जायेगा रिहा
एसएसपी ने बताया कि बबलू की हत्या के बाद उसके पिता भंवर सिंह ने गांव के ही सुंदर, पप्पू और टीटू उर्फ अशोक को नामजद करते हुए इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सुंदर को गिरफतार कर जेल भेज दिया था। जांच में पाया गया है कि तीनों नामजद आरोपी निर्दोष है। पुलिस अब सुंदर को जेल से रिहा कराने के लिए कोर्ट को सीआरपीसी की धारा 169 के तहत रिर्पोट बना कर भेज रही है। बता दें कि सीआरपीसी की धारा 169 पुलिस को किसी संदिग्ध को गिरफ्तार कर जेल भेजने और बाद में साक्ष्य के अभावों में बरी करवा देने का अधिकार देती है।












Click it and Unblock the Notifications