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Meerut Murder Mystery: 3 साल चला Rubi का इश्क कैसे बना मां की हत्या की वजह? जाति की दीवार पर Paras लटका!

Meerut Murder Mystery: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 23 साल के पारस सोम ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका रूबी (20 साल) की मां सुनीता (50 साल) की हत्या कर दी और रूबी को अगवा कर लिया। लेकिन पारस का दावा है कि यह अपहरण नहीं, बल्कि प्यार की कहानी है- 3 साल पुराना अफेयर, जो जाति की दीवार और परिवार के विरोध के कारण खूनी मोड़ ले लिया।

पारस सोम (राजपूत) समुदाय से है, जबकि रूबी दलित समुदाय से, जिसने इस रिश्ते को और जटिल बना दिया। इस मामले में SC/ST एक्ट भी लगाया गया है, और गांव में जातीय तनाव बढ़ गया था। यह कहानी प्यार, विरोध, हत्या और फरारी की है, जो अब कोर्ट में पहुंच चुकी है। पुलिस का कहना है कि पारस ने सुनीता का विरोध सहन नहीं किया और फरसे से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं, पारस कोर्ट में गिड़गिड़ाता रहा कि वह निर्दोष है और रूबी अपनी मर्जी से उसके साथ गई। Oneindia Hindi आपको पूरी घटना की विस्तार से जानकारी देंगा - बैकग्राउंड, टाइमलाइन, पुलिस जांच और कोर्ट अपडेट्स। क्या यह प्रेम कहानी थी या अपराध? आइए समझते हैं...

Meerut murder mystery

Rubi-Paras Affair-Caste Barrier: पहले समझते हैं कहानी का पहला हिस्सा: 3 साल पुराना अफेयर और जाति की दीवार

  • प्यार की शुरुआत: पारस सोम और रूबी दोनों मेरठ के सरधना इलाके के कपसाड़ गांव (Kapsad Village) के रहने वाले हैं। तीन साल पहले कॉलेज में पढ़ाई के दौरान दोनों का प्रेम संबंध शुरू हुआ। दोनों ने दसवीं के बाद कॉलेज छोड़ दिया था, लेकिन रिश्ता जारी रहा। पारस के मुताबिक, यह सच्चा प्यार था और दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।
  • जाति का मुद्दा: पारस सोम (राजपूत) समुदाय से है, जबकि रूबी दलित समुदाय से। इसी कारण रूबी के परिवार ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया। हाल ही में रूबी की शादी कहीं और तय हो गई थी, जो घटना से ठीक एक दिन पहले की बात है। पारस का दावा है कि इसी वजह से दोनों ने भागने का प्लान बनाया।
    Meerut murder mystery
  • परिवार का विरोध: पिछले दो महीनों से पारस रूबी को साथ ले जाने की प्लानिंग कर रहा था। लेकिन रूबी की मां सुनीता (Sunita) सबसे बड़ी बाधा बनीं। पुलिस जांच में सामने आया कि सुनीता ने पारस के व्यवहार का विरोध किया, जिससे झगड़ा बढ़ा।
  • इस बैकग्राउंड ने घटना को जातीय रंग दे दिया, जिससे गांव में तनाव फैल गया। परिवार ने सुनीता का अंतिम संस्कार तक रोक दिया था, लेकिन 30 घंटे बाद मान गए।

    Rubi-Paras Love Story Truns Murder-Kidnapping: प्रेम कहानी में हत्या-अपहरण का ट्विस्ट कैसे आया?

    8 जनवरी 2026 (गुरुवार) को दोपहर करीब 12 बजे, रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत जा रही थी। रास्ते में पारस सोम और उसका साथी सुनील कुमार (25 साल) ने उन्हें रोका। सुनीता ने विरोध किया तो पारस ने गाली-गलौज की और फरसे से हमला कर दिया। सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गईं और शाम 5 बजे अस्पताल में मौत हो गई। पारस रूबी को जबरन अपनी सफेद अल्टो कार में लेकर फरार हो गया।

    पुलिस ने पारस और सुनील पर हत्या, अपहरण और SC/ST (Prevention of Atrocities) एक्ट की धाराएं लगाईं। पारस का कहना है कि रूबी अपनी मर्जी से आई। लेकिन पुलिस पारस के बयान को नहीं मान रही और रूबी के बयानों पर जांच कर रही है।

    Meerut murder mystery

    Sunita Meerut Murder Mystery Case Timeline: घटना से गिरफ्तारी तक का पूरा सफर

    यहां हम घटना की स्टेप-बाय-स्टेप टाइमलाइन दे रहे हैं, जो पारस और रूबी की फरारी को ट्रैक करती है:-

    • 8 जनवरी 2026 (गुरुवार, दोपहर 12 बजे): कपसाड़ गांव में रजवाहे के पास पारस ने रूबी और सुनीता को रोका। सुनीता का विरोध, फरसे से हमला, हत्या। पारस रूबी को लेकर खतौली (रिश्तेदारी) भागा। शाम को रूबी को मां की मौत की खबर मिली, फिर दोनों दिल्ली चले गए और एक होटल में रात बिताई।
    • 9 जनवरी 2026 (शुक्रवार): दिल्ली से गुरुग्राम में पारस के दोस्त के पास रुके। मीडिया से गांव के तनाव की खबरें देखीं। गांव का माहौल बिगड़ता देख, ट्रेन से सहारनपुर पहुंचे। सहारनपुर के टपरी गांव में पारस की बहन के घर रात गुजारी।
    • 10 जनवरी 2026 (शनिवार): सहारनपुर से हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार। पारस ने एक सहयात्री के फोन से झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र (जहां वह नौकरी करता था) को कॉल की, परिवार की जानकारी ली। मोबाइल सर्विलांस पर होने से पुलिस को लोकेशन मिली। हरिद्वार पुलिस ने रुड़की रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की। शाम 6:15 बजे दोनों को हिरासत में लिया। मेरठ पुलिस की टीम रात 10:30 बजे दोनों को मेरठ ले आई।
    • 11 जनवरी 2026 (रविवार): पुलिस कस्टडी में पारस ने अफेयर की बात कबूली। हत्या का हथियार बरामद करने की कोशिश। रूबी को आशा ज्योति केंद्र में महिला पुलिस की कस्टडी में रखा।
    • 12 जनवरी 2026 (सोमवार): पारस को स्पेशल CJM विकास सावन की कोर्ट में पेश किया गया। वह गिड़गिड़ाया कि निर्दोष है, लेकिन कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। रूबी को ACJM-2 नम्रता की कोर्ट में पेश कर काउंसलिंग के लिए भेजा।

    Meerut murder mystery

    कोर्ट अपडेट: पारस की गिड़गिड़ाहट और रूबी की काउंसलिंग
    • पारस का पक्ष: कोर्ट में पारस ने कहा, 'जज साहब, मैं निर्दोष हूं। रूबी से 3 साल पुराना रिश्ता है, वह अपनी मर्जी से आई। अपहरण नहीं, प्यार है।' उसके वकील बलराम सोम ने कहा कि वे सच्चाई सामने लाएंगे और क्लाइंट को फंसने नहीं देंगे।
    • रूबी का पक्ष: रूबी के बयान अभी मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने हैं। पुलिस का कहना है कि रूबी के बयानों से मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल वह काउंसलिंग में है।
    • पुलिस जांच: ADG भानु भास्कर ने कहा कि रूबी के बयान निर्णायक होंगे। हत्या का हथियार अभी बरामद नहीं हुआ। पारस और सुनील दोनों आरोपी हैं।

    क्या है आगे? जातीय तनाव और जांच का भविष्य

    यह मामला अब जातीय हिंसा का रूप ले सकता है, क्योंकि SC/ST एक्ट लगा है और गांव में तनाव था। पुलिस जांच जारी है, और रूबी के बयान से पता चलेगा कि यह अपहरण था या सहमति से भागना। पारस की गर्दन फंस गई है, क्योंकि हत्या का आरोप साबित होने पर सख्त सजा हो सकती है।

    अगर आप इस मामले पर अपडेट चाहते हैं, तो कमेंट्स में बताएं। क्या लगता है - प्यार की जीत होगी या न्याय की? शेयर करें!

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