यूपी पुलिस की संवेदनहीनता, अपनी ही महिला स्टाफ के साथ दिखाई बेदर्दी
महिला कांस्टेबल ने अपनी लड़की को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए छुट्टी मांगी थी। लेकिन मेरठ की रिजर्व पुलिस लाइंस के आरआई और बड़े बाबू महिला को छुट्टी देने में कागजी कार्रवाई का बहाना बना रहे हैं।

बता दें कि दर्जनों मेडल जीत चुकी महिला एथलीट मीना चौधरी 15 फरवरी को जब चुनाव ड्यूटी पर थी तो उसकी डेढ़ साल की मासूम बच्ची छत से गिर पड़ी। गनीमत रही और बच्ची की जान बच गयी। ड्यूटी से लौटी मीना को अपनी बच्ची को डाक्टर के पास ले जाना था जिसके लिए उसे छुट्टी चाहिए थी। लेकिन मेरठ के पुलिस अफसरों की चौखट पर सुबह से बैठी रो रही मीना का दर्द पुलिस अफसरों को नहीं दिखा। पुलिस अफसरों को इलाज से पहले ही बच्ची बीमार है इसका प्रमाण-पत्र चाहिए।
मीना यूपी पुलिस की शानदार धावक है और कई मैराथन में उसने गोल्ड मैडल जीता है। ऐसी प्रतिभावन खिलाड़ी और पुलिसकर्मी से अफसरों की बेदर्दी पुलिस विभाग के लिए कलंक है। मीना का सवाल है कि जिस विभाग में वह अपने परिवार के लिए आयी उसके परिवार के लिए उसकी नौकरी काम न आये तो ऐसी नौकरी किस काम की। वहीं, पुलिस अफसरों का कहना है कि छुट्टी के लिए आई महिला कांस्टेबल की कागजी कार्रवाई की जा रही है और छुट्टी के लिए बने नियमों का पालन किया जा रहा है। ये भी पढ़ें: मेरठ: लोगों का कॉलोनी में रहना हुआ दुश्वार, पुलिस के बेटों ने किया है नाक में दम












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