MP-Gujarat-Rajasthan विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटीं Mayawati,BSP नेताओं को क्या मिला टास्क
Uttar Pradesh की पूर्व सीएम और Bahujan Samaj Party की मुखिया मायावती ने MP-Gujarat-Rajasthan में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। बीएसपी सुप्रीमो ने इन चुनावी राज्यों में अपनी कोर टीम के सदस्यों की तैनाती कर दी है। बहनजी ने सभी नेताओं को टास्क पकड़ाया है और चुनावी तैयारियों और बैठकों की समय समय पर फीडबैक मांगी है। ये नेता सीधे मायावती के सम्पर्क में रहेंगे और चुनावी राज्यों में चल रही तैयारियों की जानकारी बीएसपी सुप्रीमो को देते रहेंगे। बसपा की कोशिश है कि यूपी में विधानसभा चुनाव में मिली हार की कसक को इन चुनावी राज्यों में पूरी की जाए।

बसपा ने अनुभवनी नेताओं को सौंपी चुनाव की जिम्मेदारी
बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने यूपी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को अन्य राज्यों में भेजा है जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। नेता गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में "बहनजी की टीम" के रूप में काम करेंगे। गुजरात में, जहां इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, पार्टी सत्ता विरोधी लहर को भुनाना चाहती है। पूर्व मंत्री धर्मवीर अशोक और राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ समेत बसपा के वरिष्ठ नेताओं को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। दो महीने पहले ही पार्टी ने एक स्थानीय नेता बीएस परमार को अपनी गुजरात इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था।

केंद्रीय नेतृत्व की टीम बहनजी को रिपोर्ट करेगी
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "काफी आसान रणनीति अपनायी गई है। इसके तहत स्थानीय नेताओं को राज्य की संगठनात्मक इकाई में समायोजित किया जाएगा। राज्य इकाई के कामकाज और प्रदर्शन की निगरानी के लिए, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के नेता मौजूद रहेंगे। वे समीक्षा करेंगे और बहनजी को रिपोर्ट करेंगे। गुजरात में बसपा ने एक भी सीट नहीं जीती है। वलसाड, जामनगर और डांग की कुछ सीटें ऐसी हैं जहां बसपा पिछले चुनाव में लड़ रही थी। इस बार इन सीटों को लेकर प्रयास किया जा रहा है।

कई राज्यों में हुईं प्रभारियों की नियुक्तियां
बकौल बीएसपी पदाधिकारी, "पिछले विधानसभा चुनावों के नतीजों ने दिखाया कि पार्टी कम से कम पांच या उससे अधिक सीटों पर दूसरे स्थान पर आ रही है और इस बार हमें यही उम्मीद है। हालांकि हमारी योजना सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की है। राजस्थान में फिर से वरिष्ठ नेताओं, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश आर्य को राज्य का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी सक्रिय हैं।

अब तक 15 राज्यों में चुनाव लड़ चुकी है बसपा
बसपा ने कम से कम 15 राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ा है जिसमें जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, केरल, तेलंगाना, उत्तराखंड, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली भी शामिल हैं। अब वह गुजरात, बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विस्तार करने की कोशिश कर रही है उसने या तो कभी चुनाव नहीं लड़ा है या चुनाव तो लड़ा है लेकिन एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं की है। इस बार बीएसपी को उम्मीद है कि इन तीन राज्यों में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी।

पार्टी का विस्तार करने की कोशिश में बहनजी
कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में जुटी बसपा बसपा अन्य राज्यों में भी अपना विस्तार करने में जुट गई है। हाल ही में सम्पन्न हुए यूपी चुनावों में बसपा का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था। नगर निगम के चुनाव के बहाने बसपा अपने कैडर के मनोबल को मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है। पार्टी कुछ पूर्व विधायकों को नगर निकाय चुनाव में उतारने पर भी विचार कर रही है। 2017 के निकाय चुनावों में बसपा ने दो नगर निगम सीटें - अलीगढ़ और मेरठ - जीतने में कामयाबी हासिल की थी। बाद में 2019 के लोकसभा चुनावों में सपा के साथ गठबंधन करके 10 सीटें जीती थीं।












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