Mau Accident: मऊ जिले में भीषण सड़क हादसा, महाराष्ट्र के कुलपति हरेराम तिवारी और उनकी पत्नी की मौत
Mau Accident: मऊ जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। महाराष्ट्र के कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक के कुलपति हरेराम तिवारी (58) और उनकी पत्नी बदामी देवी (52) की कार ट्रेलर से टकरा गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
वाराणसी से कुशीनगर लौटते समय दोहरीघाट के पास इनोवा अचानक बेकाबू हो गई। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और एयरबैग खुलने के बावजूद जान नहीं बच सकी। हादसे में कार के पीछे बैठे ड्राइवर को गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक पति-पत्नी का शव कार में ही फंसा रहा। थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंची और गैस कटर से गाड़ी काटकर शव व घायल को बाहर निकाला।
झपकी बनी दुर्घटना का कारण
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ड्राइवर को झपकी आने लगी थी। ऐसे में कुलपति ने स्वयं गाड़ी चलाने का निर्णय लिया और ड्राइवर को पीछे आराम करने भेज दिया। कुछ दूरी तय करने के बाद गाड़ी ट्रेलर में पीछे से घुस गई।
ड्राइवर वैभव मिश्रा ने बताया कि जैसे ही उसे नींद आने लगी, कुलपति ने कहा कि तुम आराम करो, मैं चला लूंगा। वह पीछे सीट पर सो गया। कुछ ही देर में जोरदार आवाज आई और जब होश आया तो खुद को गाड़ी में फंसा पाया।
पुलिस जांच और कार्रवाई की तैयारी
ASP अनूप कुमार के मुताबिक हादसे की सूचना परिजनों को दे दी गई है। फिलहाल तहरीर दर्ज नहीं हुई है। परिजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद ट्रेलर ड्राइवर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कार के गेट और आगे का हिस्सा काटने के बाद शव निकाले गए। गाड़ी की हालत देखकर लोग दंग रह गए। इनोवा जैसी मजबूत गाड़ी भी हादसे की रफ्तार और टक्कर की तीव्रता के सामने चकनाचूर हो गई।
शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति
हरेराम तिवारी संस्कृत साहित्य और शिक्षा जगत की एक महत्वपूर्ण शख्सियत थे। वे मूल रूप से कुशीनगर जिले के मोहनपुर चकिया गांव के रहने वाले थे और लंबे समय से संस्कृत शिक्षा के उत्थान में योगदान दे रहे थे।
उनकी विद्वता और नेतृत्व क्षमता के चलते उन्हें महाराष्ट्र के कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था। उनकी असामयिक मृत्यु से विश्वविद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी और पूरा क्षेत्र शोक में है।
हरेराम तिवारी अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ा बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, दूसरा प्रोफेसर और सबसे छोटा बेटा लंबे समय से बीमार होकर बिस्तर पर है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं।












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