Mathura Shahi Idgah Controversy: मुस्लिम पक्ष इलाहाबाद HC के खिलाफ पहुंचा SC, अब अगले हफ्ते सुनवाई!
Mathura Shahi Idgah Controversy Update: मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़े विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह याचिका शाही मस्जिद ईदगाह की प्रबंधन समिति द्वारा अधिवक्ता आरएचए सिकंदर के माध्यम से दायर की गई है।
इसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें मथुरा के मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े 18 मामलों की सुनवाई को जारी रखने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका की सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला?
बीती 1 अगस्त को, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उन 18 मामलों की सुनवाई को जारी रखने का फैसला सुनाया था, जो मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद के धार्मिक चरित्र को चुनौती देते हैं। मुस्लिम पक्ष का तर्क था कि हिंदू वादियों द्वारा दायर किए गए ये मुकदमे 1991 के धर्मस्थलों के विशेष प्रावधान अधिनियम का उल्लंघन करते हैं।
इस अधिनियम के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल के धार्मिक चरित्र को 15 अगस्त, 1947 को मौजूद स्थिति से बदला नहीं जा सकता। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि धार्मिक चरित्र का निर्धारण दस्तावेजी और मौखिक प्रमाणों के आधार पर किया जाना चाहिए।
क्या है 1991 का अधिनियम और हिंदू पक्ष का दावा?
1991 के धर्मस्थलों के विशेष प्रावधान अधिनियम में कहा गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल के धार्मिक चरित्र को 15 अगस्त, 1947 को मौजूद स्थिति से बदलना अवैध है। हालांकि, इस अधिनियम में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को इसके दायरे से बाहर रखा गया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि शाही ईदगाह मस्जिद उस मंदिर को ढहाकर बनाई गई थी, जो पहले उस स्थान पर स्थित था।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका और हाई कोर्ट के आदेश पर रोक
बीती 9 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के संचालन पर नवंबर तक की रोक जारी रखी थी, जिसमें शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी। इस आदेश के अनुसार, कोर्ट ने एक अदालती आयुक्त की नियुक्ति की बात कही थी, जो मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करेगा, ताकि यह जांचा जा सके कि क्या वहां पहले कोई मंदिर था?
मस्जिद प्रबंधन समिति की याचिकाएं क्या हैं?
मस्जिद प्रबंधन समिति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं का एक समूह दायर किया है। इन याचिकाओं में से एक इलाहाबाद हाई कोर्ट के 26 मई, 2023 के उस आदेश को चुनौती देती है, जिसमें मथुरा की अदालत में लंबित विवाद से संबंधित सभी मामलों को हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था।
मथुरा में यह विवाद उस समय और गहरा गया, जब हिंदू पक्ष ने दावा किया कि शाही ईदगाह मस्जिद श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की 13.37 एकड़ भूमि के एक हिस्से पर बनाई गई है। इस विवाद के समाधान के लिए अदालत द्वारा नियंत्रित सर्वेक्षण की भी मांग की गई है, जिसे पिछले साल हाई कोर्ट ने मंजूरी दी थी। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि इस सर्वेक्षण के दौरान संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे। अब, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई का इंतजार है, जो मथुरा के इस ऐतिहासिक और संवेदनशील विवाद को लेकर महत्वपूर्ण होगी।












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