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फर्जीवाड़े में नीरव मोदी के भी बाप निकले, बैंक की फर्जी शाखा खोल लगाई चपत

बलिया। आज कल देश मे बैंकों को लेकर हर तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। कही कोई बैंको के पैसे लेकर विदेश भाग रहा हैं तो कही बैंकों के घोटाले की खबर आ रही है। लेकिन इस बार यूपी के बलिया जिले से एक अनोखा मामला सामने आया जिसमें पूरा का पूरा बैंक ही फर्जी निकला है। ये बैंक कर्नाटका बैंक के नाम पर चलाया जा रहा था। बलिया पुलिस ने इस मामले में बैंक में छापेमारी कर बैंक के ब्रांच मैनेजर, 3 महिला कर्मचारी, समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर जांच पड़ताल कर रही है।

'विनोद कांबली' ने खोला था बैंक

'विनोद कांबली' ने खोला था बैंक

ये बैंक जिले के फेफना थाना क्षेत्र में आने वाले मुलायम नगर में खुला था। मिली जानकारी के मुताबिक खुद को विनोद प्रकाश कांबली बताने वाले एक शख्स ने बीते माह यहां आकर कर्नाटका बैंक खोलने के लिए घर किराए पर लिया। उसने खुद को बैंक का ब्रांच मैनेजर बताया। घर किराए लेने के बाद विनोद प्रकाश कांबली ने यहां फर्नीजर और कुछ लैपटॉप और कंप्यूटर के जरिए बैंक की शुरूआत की। बैंक चलाने के लिए उसने 3 महिला और 2 पुरुष कर्मचारियों को संविदा पर नौकरी पर भी रखा था।

ऐसे खुला ये मामला

ऐसे खुला ये मामला

मामला तब खुला जब इस बात की वाराणसी में बैठने वाले कर्नाटका बैंक के अस्सिटेंट जनरल मैनेजर को लगी। बलिया में बैंक की ब्रांच होने की जानकारी सुनकर वे हैरान हुए और उन्होंने इस मामले में पूछताछ की जिसमें बैंक ने पुष्टि करते हुए बताया कि बलिया में उनकी कोई ब्रांच नहीं है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी जिसके बाद पुलिस ने बलिया पहुंचकर इस फर्जी ब्रांच पर छापा मारा।

पुलिस ने आरोपी ब्रांच मैनेजर विनोद प्रकाश कांबली को जब गिरफ्तार कर पूछताछ की तब पता चला कि उसका असली नाम अफाक अहमद है और वो यूपी के बदायूं जिले का रहने वाला है। अफाक अहमद ने धोखाधड़ी करने के लिए अपना नाम बदलकर विनोद प्रकाश कांबली रख लिया था। हैरान करने वाले बात ये है कि उसने अपने इस फर्जी नाम से आधार और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे। पुलिस ने बताया कि उसने विनोद कांबली से प्रभाविकत होकर अपना नाम 'विनोद प्रकाश कांबली' रख लिया था। बलिया में ब्रांच खोलने के बाद उसने मकान मालिक, या जिस दुकान से फर्नीचर खरीदा था किसी को भी पैसै नहीं चुकाए। विनोद प्रकाश ने उन्हें दो महीने बाद बैंक से सीधे उनके खाते में मोटी रकम आने का झांसा दिया था।

डूब गए लोगों के पैसे

डूब गए लोगों के पैसे

बैंक चलाने के लिए अफाक अहमद ने 5-5 हजार रुपये में कुछ स्थानीय युवक और युवतियों को नौकरी पर रखा और बैंक का शुभारंभ कर दिया। अफाक ने बैंक में 15 लोगों के सेविंग अकाउंट और 2 फिक्स डिपॉजिट भी खुलवा लिए थे। पुलिस ने छापेमारी में बैंक से 1.37 लाख रुपये नकद, कई कागजात और 3 लैपटाप बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि अफाक अहमद किसी बड़ी धोखाधड़ी के चक्कर में था लेकिन उससे पहले ही उसकी सच्चाई लोगों के सामने आ गई।

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