महाकुंभ हादसे पर गरमाई सियासत! केजरीवाल-मायावती ने जताया दुख, राहुल ने उठाए सवाल, अखिलेश-राजभर आपस में भिड़े
Mahakumbh Stampede: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या के 'दूसरे अमृत स्नान' के दिन भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दर्जनों श्रद्धालु घायल हुए, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। यह हादसा मेले की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़ा कर रहा है, क्योंकि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण शाही स्नान अभी बाकी हैं।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कॉल कर राहत कार्यों को तेज करने और घायलों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए। महाकुंभ 2025 के लिए बने 'वॉर रूम' में उच्चस्तरीय अधिकारी लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं।

वहीं, हादसे के बाद दिल्ली से लेकर यूपी तक सियासी भूचाल देखते को मिला। बसपा प्रमुख मायावती, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवेदना व्यक्त की है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अतिरिक्त व्यवस्था करने का सुझाव देने पर यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने पलटवार किया है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा?
AAP ने जताया दुख
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घटना पर दुख जताया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि महाकुंभ में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है। मैं इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। ईश्वर उनके परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति दे। सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कांग्रेस ने VIP मूवमेंट पर उठाए सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन और प्रशासन का आम श्रद्धालुओं के बजाय वीआईपी मूवमेंट पर विशेष ध्यान जिम्मेदार है... मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों की मदद करें।
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महाकुंभ के दौरान संगम पर हुई भगदड़ में कई लोगों की जान गई और कई घायल हो गए, यह हृदय विदारक है। श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वे पीड़ितों की हर संभव सहायता करें। उन्होंने महाकुंभ की अव्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए।
सपा ने महाकुंभ की अव्यवस्था को घेरा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि महाकुंभ में अव्यवस्था के कारण हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने की खबर दुखद है। सरकार को इस घटना से सबक लेना चाहिए और श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन, पानी और अन्य सुविधाओं की अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए।
अखिलेश ने यह भी कहा कि महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। 'विश्वस्तरीय व्यवस्था' करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
मायावती ने जानें क्या कहा?
बसपा प्रमुख मायावती ने भी हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। पीड़ितों के परिजनों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति मिले, यही प्रार्थना करती हूं।
UP सरकार का जवाब - 'सुरक्षा में कोई कमी नहीं'
इस पूरे घटनाक्रम पर UP के मंत्री ओपी राजभर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पुलिस और प्रशासन सतर्क है, और हर संभव सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
महाकुंभ 2025 में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं
महाकुंभ 2025 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस तरह की भगदड़ भविष्य के आयोजनों के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासन के लिए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।












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