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Mahakumbh Stampede: 'सांस थम गई, चीखों को भीड़ रौंदती गई...जान बचाकर भागे', शाही स्नान में भगदड़ का मंजर

Mahakumbh Mela 2025 Stampede : प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के दिन 'दूसरे अमृत स्नान' के दौरान भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दर्जनों श्रद्धालु घायल हुए, जिससे पूरा मेला क्षेत्र चीख-पुकार और अफरातफरी से भर गया।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लेकिन, इस भयावह हादसे ने कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण शाही स्नान अभी बाकी हैं। आइए जानते हैं कैसा था भगदड़ का भयवाह मंजर? फंसे श्रद्धालुओं का दर्द....

Mahakumbh Mela 2025 Stampede

'मेरे पिता गायब हैं, किससे मदद मांगूं?'

बिहार के रणजीत प्रसाद, जो अपने पिता गणेश चौहान (67) के साथ सेक्टर-3 में स्नान के लिए आए थे, भगदड़ के बाद अपने पिता को खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां हेल्पडेस्क पर कोई नहीं है, हम किससे मदद मांगें? मेरा पिता लापता है और प्रशासन से कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

'मैं किसी तरह बचकर निकला'

गुना के रमेश अपने पत्नी, बच्चे और दामाद के साथ संगम स्नान के लिए आए थे, लेकिन भगदड़ के बाद वे सभी लापता हो गए। उन्होंने बताया कि हम लोग संगम में नहाने जा रहे थे कि अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। मेरे सामने लोग गिर रहे थे, रो रहे थे, चीख रहे थे...लेकिन भीड़ रुकी नहीं। मैं किसी तरह बचकर निकला।

'भीड़ रौंदते हुए आगे बढ़ गई'

जयप्रकाश अपने बच्चों, पत्नी और पिता के साथ स्नान करने आए थे। उन्होंने बताया कि अचानक भीड़ विपरीत दिशा से आई और सभी को रौंदते हुए आगे बढ़ गई। मैंने पहले अपने बच्चों को बचाया, फिर पत्नी को खोजा। उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन भगदड़ में जो मैंने देखा, वह जिंदगीभर नहीं भूल सकता।'

'मानों सांस ही थम गई'

कर्नाटक की विद्या साहू बेलगाम ने बताया कि हम संगम की तरफ बढ़ रहे थे, तभी अचानक झुंड के झुंड लोग भागने लगे। हमें सांस तक लेने का मौका नहीं मिला। लोग हमारे ऊपर से गुजरते चले गए, हमने हाथ जोड़कर भीड़ को रुकने के लिए कहा, लेकिन किसी को हमारी परवाह नहीं थी।

खोया-पाया केंद्र पर लगी भीड़, अपनों की तलाश में रोते रहे लोग

महाकुंभ क्षेत्र के खोया-पाया केंद्र पर भगदड़ के बाद हजारों लोग अपनों की तलाश में पहुंचे। भोर सुबह 4 बजे बिहार की एक महिला अपने पति को ढूंढते हुए खोया-पाया केंद्र पहुंचीं। वह लगातार रो रही थीं, लेकिन किसी को उनके पति की जानकारी नहीं थी।

महाकुंभ में सुरक्षा पर बढ़ते सवाल

महाकुंभ 2025 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में भगदड़ जैसी घटनाएं प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

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