Maha Kumbh 2025: होटल रूम रेंट प्रति घंटा 5000, गंगा में बिना डुबकी लगाए लौटे श्रद्धालु ने शेयर की आपबीती

Maha Kumbh 2025: महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में भारी भीड़ उमड़ रही है। माघ पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे शहर में भीषण ट्रैफिक जाम और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। इस बीच, एक श्रद्धालु दिनेश राणा ने अपनी कठिन यात्रा की आपबीती साझा की, जिसमें उन्हें तमाम मुश्किलों के बाद बिना स्नान किए ही घर लौटना पड़ा।

यात्रा जो परेशानी में बदल गई

न्‍यूज 18 से बातचीत में दिनेश राणा अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार को बस से महाकुंभ के लिए रवाना हुए थे। आमतौर पर यह यात्रा 10-12 घंटे में पूरी हो जाती है, लेकिन उन्हें प्रयागराज पहुंचने में दो दिन लग गए। जब वे रविवार सुबह प्रयागराज पहुंचे, तो पता चला कि वे अभी भी संगम तट से 20 किलोमीटर दूर हैं।

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आगे जाने के लिए उन्होंने किसी वाहन की तलाश की, लेकिन वहां मौजूद ई-रिक्शा चालक 1000 रुपये से कम में जाने को तैयार नहीं थे। वहीं, कुछ बाइक सवार 500-600 रुपये में उन्हें संगम तक छोड़ने को राजी थे। इतनी महंगी सवारी से बचने के लिए उन्होंने पैदल ही 20 किलोमीटर का सफर तय करने का फैसला किया।

होटल का किराया सुनकर उड़ गए होश

लंबी यात्रा के बाद जब वे संगम तट पहुंचे, तो कुछ देर आराम करने के लिए होटल की तलाश शुरू की। लेकिन यहां उन्हें एक और झटका लगा। जो होटल सामान्य दिनों में 1000 रुपये प्रतिदिन में उपलब्ध होते थे, वे महाकुंभ के चलते 5000 रुपये प्रति घंटे तक का किराया मांग रहे थे।

दिनेश और उनके दोस्तों ने सस्ते ठहरने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई भी किफायती होटल नहीं मिला। आखिरकार, बिना स्नान किए ही उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया।

घर वापसी भी आसान नहीं थी

जब वे लौटने के लिए बस स्टैंड पहुंचे, तो हालात और भी खराब दिखे। बसें शहर के बाहरी इलाके में खड़ी थीं और उन्हें पाने के लिए लंबी भीड़ लगी थी। लोग बस में चढ़ने के लिए ड्राइवर की सीट तक से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच, खाने-पीने की चीजों के दाम भी आसमान छू रहे थे। पानी की एक बोतल 20 रुपये में मिल रही थी, जबकि चाय के लिए 50 रुपये तक चुकाने पड़ रहे थे।

श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बना महाकुंभ

दिनेश राणा की यह यात्रा सिर्फ एक उदाहरण है। हजारों श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचने के लिए लंबी पैदल यात्राएं करने को मजबूर हैं। परिवहन, होटल और खाने-पीने की चीजों की महंगाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ के कारण प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज में हो रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान तिथियाँ हैं, जिनमें से कुछ पहले ही संपन्न हो चुकी हैं, जबकि कुछ आगामी हैं।

महाकुंभ 2025 की आगामी स्नान तिथियाँ

  • माघ पूर्णिमा (12 फरवरी 2025): इस दिन का स्नान विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
  • महाशिवरात्रि (26 फरवरी 2025): महाकुंभ का अंतिम प्रमुख स्नान इस दिन होगा, जो भगवान शिव को समर्पित है।

महाकुंभ के दौरान इन पवित्र स्नान तिथियों पर संगम में स्नान करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।

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