Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में 5 साल से हाथ उठाए साधु हरिवंश गिरी और एंबेसडर बाबा भी पहुंचे, जानिए पूरी कहानी
Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं के साथ-साथ साधु-संतों की अद्भुत और प्रेरणादायक कहानियां भी सामने आ रही हैं। इनमें से एक हैं दिगंबर हरिवंश गिरी जिन्होंने अपने हाथ को लगातार पांच वर्षों से उठाए रखा है। उन्होंने यह संकल्प लिया है कि वे इसे कुल 12 वर्षों तक इसी स्थिति में रखेंगे।
हरिवंश गिरी ने अपने अद्वितीय तपस्या और साधना के पीछे का उद्देश्य राष्ट्र के विकास और सनातन धर्म के प्रसार को बताया। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। हमारे नेता और अधिकारी समझदार और सक्षम बनें। सनातन धर्म का कोई आरंभ या अंत नहीं है। यह अनंत है।

एंबेसडर बाबा का अनोखा अंदाज
महाकुंभ में एक और आकर्षण का केंद्र बने महंत राज गिरी नागा बाबा जिन्हें लोग एंबेसडर बाबा के नाम से जानते हैं। इंदौर मध्य प्रदेश से आए एंबेसडर बाबा अपनी 1972 मॉडल अंबेसडर कार के साथ प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने बताया कि मैं इस कार के साथ 4 बार कुंभ मेले में आ चुका हूं। यह मेरी यात्रा का साधन ही नहीं। मेरा घर भी है। पिछले 35 वर्षों से यह कार मेरे साथ है।
महाकुंभ में अनोखी साधनाएं और कहानियां
महाकुंभ 2025 न केवल श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। बल्कि यहां साधु-संतों की अनोखी साधनाएं और जीवनशैली भी लोगों को प्रेरित कर रही हैं। हरिवंश गिरी की तपस्या ने जहां सनातन धर्म के बलिदान और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं एंबेसडर बाबा ने आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम दिखाया है।
महाकुंभ और सनातन धर्म की महिमा
महाकुंभ में हर कोई सनातन धर्म की अनंत महिमा और इसके गूढ़ संदेश को आत्मसात करने पहुंचता है। हरिवंश गिरी और एंबेसडर बाबा की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि कैसे यह धर्म व्यक्तिगत साधना और विश्व कल्याण का मार्गदर्शन करता है।
महाकुंभ में साधु-संतों की यह विशेष उपस्थिति न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। बल्कि सनातन धर्म के संदेश और इसकी व्यापकता को भी प्रदर्शित करती है।












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