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Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में कितने खोए हुए श्रद्धालु अपने परिवारों से मिल पाए? आंकड़ा जान चौंक जाएंगे आप

Maha kumbh 2025: प्रयागराज में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में उमड़ी 66 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासन ने खोए हुए लोगों को मिलाने में निभाई अहम भूमिका। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और एकता का प्रतीक बन गया। दुनिया के सबसे बड़े हिंदू समागम में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम तट पर पुण्य स्नान किया। लेकिन इस विशाल भीड़ के बीच हजारों लोग अपने परिवारों से बिछड़ गए।

उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की तत्परता ने इस चुनौती को भी सफलता में बदल दिया। योगी आदित्यनाथ सरकार की सक्रिय पहल और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के चलते 54,357 खोए हुए श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से सफलतापूर्वक मिलाया गया।

Maha Kumbh 2025

Maha kumbh 2025: डिजिटल खोया-पाया केंद्र बना वरदान

महाकुंभ में बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए प्रशासन ने कई अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। सबसे महत्वपूर्ण कदम रहा डिजिटल खोया-पाया केंद्र की स्थापना, जिसकी मदद से 35,000 से अधिक लोग अपने प्रियजनों से दोबारा मिल सके।

इन केंद्रों में पुलिस अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों और प्रशासन की टीम ने श्रद्धालुओं की सहायता की। खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी गई ताकि वे जल्द से जल्द अपने परिवारों से मिल सकें।

Maha kumbh 2025:एनजीओ और पुलिस का सराहनीय योगदान

उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों (NGO) ने भी इस अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया।भारत सेवा केंद्र और हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति ने 19,274 खोए हुए श्रद्धालुओं को उनके परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत सेवा केंद्र के भूले-भटके शिविर के निदेशक उमेश चंद्र तिवारी के नेतृत्व में 18 लापता बच्चों को भी सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।

पर्वों के दौरान बिछड़े लोगों की पुनर्मिलन रिपोर्ट

प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान बिछड़ने और मिलाए जाने वालों की संख्या इस प्रकार रही:

  • मकर संक्रांति (13-15 जनवरी) - 598 श्रद्धालु मिले
  • मौनी अमावस्या (28-30 जनवरी) - 8,725 श्रद्धालु अपने परिवार से मिले
  • बसंत पंचमी (2-4 फरवरी) - 864 लोग अपनों से मिले
  • अन्य पर्वों और सामान्य दिनों में - 24,896 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया

महाकुंभ के समापन तक कुल 35,083 बिछड़े श्रद्धालु फिर से अपनों के साथ मिल सके। महाकुंभ में खोए हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने की यह पहल श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इस पुनर्मिलन को लेकर भक्तों ने योगी आदित्यनाथ सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। कई श्रद्धालुओं ने भावुक होकर कहा कि अगर प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की यह पहल न होती, तो वे अपनों से मिलने की उम्मीद खो चुके होते।

Maha kumbh 2025: 144 वर्षों बाद हुआ भव्य महाकुंभ

महाकुंभ 2025 का आयोजन 144 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुआ, जिससे इसकी भव्यता और पवित्रता और अधिक बढ़ गई। भारत ही नहीं, नेपाल, अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनने आए।

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