लखनऊ अग्निकांड पर बोले संजय सिंह- 'सिर्फ सस्पेंशन नहीं, कड़ी कार्रवाई हो'
लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि 'केवल अधिकारियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी कथित लापरवाही के लिए आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।'
सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि 'जिस व्यावसायिक भवन में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) का आदेश जारी किया गया था, फिर भी वह भवन वर्षों तक कैसे संचालित होता रहा।'

उन्होंने कहा कि 'पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों से उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि अवैध और असुरक्षित भवन को किसके संरक्षण में चलने दिया गया। सिंह ने आरोप लगाया कि केवल जांच बैठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा और दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।'
AAP नेता ने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 'हर बड़े अग्निकांड के बाद जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन अक्सर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली, बजट और उपलब्ध संसाधनों की भी समीक्षा कराने की मांग की।'
संजय सिंह ने कहा कि 'जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों और घायलों के लिए घोषित मुआवजा पर्याप्त नहीं है और सरकार को पीड़ित परिवारों की अधिक मदद करनी चाहिए।'
इस दौरान संजय सिंह ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि घायल लवप्रीत ने उन्हें बताया कि 'आग निचली मंजिलों से तेजी से फैली, जिसके कारण लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। वहीं एक अन्य घायल जयंत का इलाज ICU में चल रहा है।
उधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
SIT ने मंगलवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचकर घायलों की स्थिति का भी जायजा लिया। जांच दल ने कहा है कि उसे सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
गौरतलब है कि इस हादसे के संबंध में भवन के चार संयुक्त मालिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से जुड़े चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है।












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